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मंडेला फिर अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर

Sat, 08 Jun 2013 06:48 PM IST
बीबीसी
बीबीसी Updated Sat, 08 Jun 2013 06:48 PM IST
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nelson mandela hospitalized in critical condition

दक्षिण अफ़्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला को फेफड़े में संक्रमण की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति जैकब ज़ुमा के कार्यालय ने यह जानकारी दी है। राष्ट्रपति कार्यालय ने अपनी वेबसाइट में कहा है कि मंडेला पिछले कई दिनों से फेफड़े के संक्रमण से जूझ रहे थे।

पिछले दो साल में मंडेला पांचवी बार अस्पताल में भर्ती हुए हैं।

शनिवार की सुबह तबीयत ज़्यादा ख़राब होने पर उन्हें प्रीटोरिया के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। ऐसा कहा जा रहा है कि मंडेला की हालत ‘नाज़ुक लेकिन स्थिर’ बनी हुई है।
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94 वर्षीय मंडेला को हाल में कई तरह की शारीरिक अस्वस्थता से जूझना पड़ा। हालांकि उनकी बीमारी की मुख्य वजह फेफड़े के संक्रमण का बार-बार उभरना है जिसकी वजह से हाल के वर्षों में उनकी परेशानी बढ़ी है। उन्हें स्थानीय समयानुसार 1।30 बजे अस्पताल ले जाया गया।
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दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति के प्रवक्ता मैक महाराज ने बीबीसी को बताया कि उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करा रहे हैं।

राष्ट्रपति का संदेश
महाराज ने अपने बयान में कहा, “राष्ट्रपति जैकब ज़ुमा ने सरकार और राष्ट्र की ओर से मडीबा के जल्द स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना की है। उन्होंने मीडिया और आम लोगों से यह गुज़ारिश की है कि वे मडीबा और उनके परिवार की निजता का सम्मान करें।”

इसी साल अप्रैल में 10 दिनों तक निमोनिया के इलाज के बाद नेल्सन मंडेला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।

मंडेला 1994 से लेकर 1999 तक दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति रहे। इससे पहले वह 27 सालों तक जेल में बंद रहे थे। ऐसा माना जाता है कि जेल की खदान में काम करने के दौरान ही उनके फेफड़े पर गंभीर असर पड़ा था।

वह सार्वजनिक जीवन से 2004 में दूर हो गए और उसके बाद से वह सार्वजनिक स्थल पर यदा-कदा ही देखे जाते हैं।

इसी साल अप्रैल में उनकी पार्टी अफ़्रीकन नेशनल कांग्रेस (एएनसी) ने उनसे मुलाक़ात का एक वीडियो बनाया जिसमें उनकी और राष्ट्रपति ज़ुमा के अलावा दूसरे पार्टी नेताओं की तस्वीरें नज़र आईं।


लेकिन आलोचकों ने इसे उनकी निजता का हनन बताया था। रंगभेद नीति के ख़िलाफ़ दिए उनके योगदान की वजह से ही उन्हें दक्षिण अफ़्रीका का राष्ट्रपिता कहा जाता है।

मंडेला को रंगभेद नीति को ख़त्म करने और दक्षिण अफ़्रीका में लोकतंत्र की बयार को बढ़ावा देने के लिए 1993 में नोबेल शांति पुरस्कार से नवाज़ा गया था।

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