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अपनी सरजमीं से भारत विरोधी गतिविधियों की इजाजत नहीं देगा म्यांमार

Tue, 23 Aug 2016 03:05 AM IST
एजेंसी/नाय प्यी दा
एजेंसी/नाय प्यी दा Updated Tue, 23 Aug 2016 03:05 AM IST
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Myanmar will not allow anti-India activities from his territory
- फोटो : Getty Images

म्यांमार ने आश्वासन दिया है कि वह अपनी धरती का इस्तेमाल भारत-विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होने देगा। भारत ने भी म्यांमार की नई सरकार को पूरा सहयोग देने की बात कही है। म्यांमार पहुंचीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने वहां के नेताओं से कहा कि भारत उनकी ‘पूरी मदद’ के लिए तैयार है।

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दशकों के सैन्य शासन के बाद देश में नई सरकार के गठन के पश्चात सुषमा स्वराज की भारत की ओर से यह पहली उच्चस्तरीय यात्रा है। इस दौरान उन्होंने सीमापार से उग्रवादी समूहों की गतिविधियों के मामले को पुरजोर तरीके से उठाया।
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विदेश मंत्री ने यहां राष्ट्रपति हतिन क्याव से मुलाकात की। भारत को मित्र देश बताते हुए म्यांमार के राष्ट्रपति ने सुषमा से कहा कि वह सकारात्मक साझेदारी चाहते हैं। सुषमा स्वराज ने विदेश मंत्री आंग सान सू की से कई प्रमुख द्विपक्षीय मसलों पर बात की जिसमें कुछ उग्रवादी संगठनों की सीमापार से गतिविधियां भी शामिल है।
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उन्होंने सू की को ‘पहले वास्तविक चुनाव’ में शानदार जीत पर बधाई दी और उन्हें ‘पूरी मदद’ के लिए आश्वस्त किया। सू की के साथ अपनी मुलाकात में स्वराज ने कहा कि भारत आपके लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने और म्यांमार के लोगों के सामाजिक, आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

वे भारत को एक मित्र देश मानते हैं

Myanmar will not allow anti-India activities from his territory

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया, ‘म्यांमार के नेतृत्व ने आश्वस्त किया है कि वे भारत विरोधी गतिविधियों के लिए उग्रवादी समूहों को अपनी धरती का इस्तेमाल नहीं करने देंगे।

वे भारत को एक मित्र देश मानते हैं।’ सुषमा ऐसे समय में म्यांमार गई हैं जब कुछ दिन पहले ही भारतीय सेना की नगालैंड में एनएससीएन-के आतंकियों से मुठभेड़ हुई थी। ये आतंकी म्यांमार से देश में घुसने की कोशिश कर रहे थे। कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया था कि भारतीय सेना म्यांमार में दाखिल हो गई थी, हालांकि भारत ने इसका खंडन किया है।

एक दिवसीय यात्रा पर सुषमा स्वराज के साथ विदेश सचिव एस जयशंकर और मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी गए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह यात्रा म्यांमार के साथ साझेदारी बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है। भारत और म्यांमार के बीच निकट संबंध हैं। कृषि, आईटी, मानव संसाधन विकास, बुनियादी ढांचा विकास, संस्कृति इत्यादि क्षेत्रों में दोनों के बीच साझा कार्यक्रम चल रहे हैं।

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