{"_id":"59fa41fc4f1c1bce538ba6e5","slug":"myanmar-held-bangladesh-responsible-for-delay-in-returning-rohingyas-refugees","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोहिंग्या शरणार्थियों की वापसी में हो रही देरी के लिए म्यांमार ने बांग्लादेश को ठहराया जिम्मेदार","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"अन्य देश","slug":"rest-of-world"}}
रोहिंग्या शरणार्थियों की वापसी में हो रही देरी के लिए म्यांमार ने बांग्लादेश को ठहराया जिम्मेदार
एजेंसी, यंगून
Updated Thu, 02 Nov 2017 03:21 AM IST
विज्ञापन
rohingya muslims
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
म्यांमार ने रोहिंग्या मुस्लिमों की वापसी में हो रही दे रही देरी के लिए बांग्लादेश को जिम्मेदार ठहराया है। ये रोहिंग्या मुस्लिम अगस्त महीने में म्यांमार के हिंसाग्रस्त रखाइन प्रांत से भागकर बांग्लादेश आ गए थे। बांग्लादेश में यह अल्पसंख्यक समुदाय बहुत ही खराब हालत में शरणार्थी शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
म्यांमार में सेना की कठोर कार्रर्वाई के कारण पिछले दो महीने में करीब छह लाख रोहिंग्या मुस्लिम भाग कर बांग्लादेश पहुंचे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के भीषण दबाव और जातीय सफाया के संयुक्त राष्ट्र के आरोपों के कुछ ही सप्ताह बाद म्यांमार ने उन रोहिंग्या मुस्लिमों की देश वापसी का वादा किया है जो सत्यापन के मानदंडों पर खरे उतरेंगे।
बहरहाल, इन सत्यापन मानदंडों की कोई तय रूपरेखा अभी तक नहीं है। इस कारण लोगों में डर है कि बहुत कम संख्या में रोहिंग्या वापसी कर सकेंगे। म्यांमार सरकार के प्रवक्ता जॉ हटे ने अल्पसंख्यक रोहिंग्या मुस्लिमों की वापसी में हो रही देरी के लिए बांग्लादेश को जिम्मेदार बताया।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि म्यामार सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि वह किसी भी वक्त शरणार्थियों को वापस लेने को तैयार है।
वहीं बांग्लादेश की सरकार अब भी दोनों देशों के बीच समझौते पर विचार कर रही है। हटे ने कहा कि 25 अगस्त के बाद से भाग कर गए रोहिंग्या मुसलमानों की सूची बांग्लादेश ने अभी तक नहीं सौंपी है।
हटे ने कहा कि हमने बांग्लादेश से पहले ही यह सूची सौंपने को कहा था ताकि हम सत्यापित करे सकें कि कितने लोगों ने पलायन किया है।
विज्ञापन
म्यांमार में सेना की कठोर कार्रर्वाई के कारण पिछले दो महीने में करीब छह लाख रोहिंग्या मुस्लिम भाग कर बांग्लादेश पहुंचे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के भीषण दबाव और जातीय सफाया के संयुक्त राष्ट्र के आरोपों के कुछ ही सप्ताह बाद म्यांमार ने उन रोहिंग्या मुस्लिमों की देश वापसी का वादा किया है जो सत्यापन के मानदंडों पर खरे उतरेंगे।
विज्ञापन
बहरहाल, इन सत्यापन मानदंडों की कोई तय रूपरेखा अभी तक नहीं है। इस कारण लोगों में डर है कि बहुत कम संख्या में रोहिंग्या वापसी कर सकेंगे। म्यांमार सरकार के प्रवक्ता जॉ हटे ने अल्पसंख्यक रोहिंग्या मुस्लिमों की वापसी में हो रही देरी के लिए बांग्लादेश को जिम्मेदार बताया।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि म्यामार सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि वह किसी भी वक्त शरणार्थियों को वापस लेने को तैयार है।
वहीं बांग्लादेश की सरकार अब भी दोनों देशों के बीच समझौते पर विचार कर रही है। हटे ने कहा कि 25 अगस्त के बाद से भाग कर गए रोहिंग्या मुसलमानों की सूची बांग्लादेश ने अभी तक नहीं सौंपी है।
हटे ने कहा कि हमने बांग्लादेश से पहले ही यह सूची सौंपने को कहा था ताकि हम सत्यापित करे सकें कि कितने लोगों ने पलायन किया है।