म्यांमार: चुनावों में इतिहास रचने के करीब सू की
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म्यांमार में लोकतंत्र के लिए लंबी लड़ाई लड़ने वाली नोबेल पुरस्कार विजेता आंग सान सू की इतिहास बनाने के करीब पहुंच गई हैं। उनकी पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) ने सोमवार को दावा किया है कि उसने संसद की 70 फीसदी से ज्यादा सीटें जीत ली हैं। वहीं सेना समर्थित सत्ताधारी पार्टी यूनियन सॉलिडैरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी (यूएसडीपी) ने अपनी हार स्वीकार ली है।
हालांकि, चुनाव आयोग ने अभी आधिकारिक तौर पर चुनाव के नतीजों का ऐलान नहीं किया है, जिस वजह से अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। म्यांमार में 25 सालों बाद कराए जा रहे इस आम चुनाव पर दुनिया भर की निगाहें टिकी हुई हैं। सू की की पार्टी एनएलडी चुनाव में ऐतिहासिक जीत का दावा कर रही है। व्यावसायिक राजधानी और यूएसडीपी के गढ़ यंगून में ही पहली 16 सीटों की मतगणना में आए नतीजों में से शानदार 15 विपक्ष में रही एनएलडी के पक्ष में आए हैं।
पार्टी ने यहां निचले सदन की 12, जबकि 3 सीटें क्षेत्रीय संसद के लिए जीती है। हर ओर मतगणना में मिल रही बढ़त को देखते हुए सू की के समर्थकों में भारी उत्साह है। पार्टी के प्रवक्ता विन हतेइन ने कहा कि गैर आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक एनएलडी ने अब तक 70 फीसदी से ज्यादा सीटें जीत ली हैं। संविधान के अनुसार संसद की 25 प्रतिशत सीटें सेना के प्रतिनिधियों को मिलेंगी जिसके लिए चुनाव नहीं होंगे। कुल उपलब्ध 75 फीसदी सीटों में से किसी भी पार्टी को बहुमत के लिए 67 फीसदी मत प्राप्त करने होंगे।
राष्ट्रपति नहीं बन पाएंगी सू की
यंगून में तकरीबन सारी सीटें हाथ से निकलने के बाद यूएसडीपी ने कहा है कि वह इस हार के लिए तैयार है। यहां पर पार्टी के प्रमुख भी अपनी सीटें नहीं बचा सके। 664 सीटों के लिए कराए जा रहे इस चुनाव को निष्पक्ष और कामयाब बनाने के लिए 10,000 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय पर्यवेक्षक लगाए गए हैं।
सू की की पार्टी इस चुनाव में जीत हासिल भले ही कर ले, मगर उनके राष्ट्रपति बनने में पेंच बरकरार है। संविधान के मुताबिक विदेश में पैदा हुए बच्चों के माता-पिता देश के सर्वोच्च पद पर काबिज नहीं हो सकते। दरअसल सू की के दोनों बेटों के पास ब्रिटिश पासपोर्ट है।
भले ही एनएलडी अपनी जीत के दावे कर रही हो, मगर चुनाव नतीजों के ऐलान में देरी लग सकती है। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, अगले कुछ घंटों में शुरुआती नतीजों का ऐलान कर दिया जाएगा। मगर देश भर के नतीजों के आने में दस दिन या फिर उससे ज्यादा का वक्त लग सकता है।