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इस ब्यूटी क्वीन ने पोस्ट किया ऐसा वीडियो कि छिन गया मिस ग्रैंड म्यांमार का ताज

Wed, 04 Oct 2017 01:47 PM IST
बीबीसी, हिन्दी
बीबीसी, हिन्दी Updated Wed, 04 Oct 2017 01:47 PM IST
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myanmar beauty queen lost his crown after posting a video on rohingya
- फोटो : instagram

म्यांमार के रखाइन में चल रही हिंसा पर एक वीडियो पोस्ट करने के बाद म्यांमार की एक ब्यूटी क्वीन से उनका ताज छीन लिया गया है। यह कहना है खुद ब्यूटी क्वीन का। श्वे इन सी ने पिछले हफ्ते एक वीडियो क्लिप ऑनलाइन पोस्ट किया, जिसमें अशांति के लिए रोहिंग्या के चरमपंथियों को दोषी ठहराया गया है। आयोजकों ने रविवार को 19 वर्षीय मिस ग्रैंड म्यांमार से खिताब छीन लिया।

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रोल मॉडल की तरह व्यवहार नहीं किया
उन्होंने कहा कि ब्यूटी क्वीन ने अनुबंध नियमों को तोड़ा है और एक रोल मॉडल की तरह व्यवहार नहीं किया। हालांकि इसमें उन्होंने उसके वीडियो का जिक्र नहीं किया। लेकिन मंगलवार को श्वे ने ताज छीने जाने के पीछे उस वीडियो क्लिप को कारण बताया।
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आराकान रोहिंग्या साल्वेशन आर्मी के बारे में उनके फेसबुक पेज पर एक पोस्ट किया गया, "हां, श्वे ने रखाइन में चल रही हिंसा पर एक वीडियो क्लिप बनाई थी, लेकिन इस सौंदर्य प्रतिस्पर्धा के एक प्रतियोगी के रूप में सभ्य छवि पेश करने में असफल बताए जाने के लिए यह मुश्किल से योग्य है।"

देश के लिए सच बोलने की जरूरत

myanmar beauty queen lost his crown after posting a video on rohingya

इसमें आगे लिखा गया, "इस देश के नागरिक के रूप में उसे अपनी प्रसिद्धि देखते हुए उसे अपने देश के लिए सच बोलने की जरूरत है।" श्वे ने चरमपंथियों और उनके समर्थकों पर मीडिया अभियान चलाने का आरोप लगाया "ताकि चरमपंथ के अगुआ और हिंसा फैलाने वाले ही उत्पीड़न की शिकार दिखें।" उनके वीडियो में ऐसा कोई आरोप नहीं लगाया गया है कि बर्मा की सेना रोहिंग्या मुस्लिम अल्पसंख्यकों पर व्यापक अत्याचार किए हैं।

म्यांमार से पलायन कर रहे रोहिंग्या
सेना, जिस पर जातीय हिंसा का आरोप लग रहा है, कहा गया कि वो केवल चरमपंथियों को निशना बना रही है। रखाइन में हिंसा की शुरुआत 25 अगस्त को हुई जब आराकान चरमपंथियों ने सुरक्षा पोस्ट पर हमला किया। इसके बाद सेना ने जवाबी कार्रवाई शुरू की। तब से करीब 5 लाख रोहिंग्या पड़ोसी बांग्लादेश भाग गए। इस हिंसा से रखाइन में हिंदू समेत अन्य अल्पसंख्यक भी प्रभावित हुए हैं।

मिस तुर्की से भी छीना गया था ताज
श्वे ऐसी एकमात्र सौंदर्य प्रतियोगिता विजेता नहीं हैं जिन्हें इस मुश्किल का सामना करना पड़ा है। सितंबर में एक ट्वीट का हवाला देते हुए मिस तुर्की 2017 की विजेता से भी आयोजकों ने उसका ताज छीन लिया था। 18 साल की आइतिर एसेन ने तुर्की में पिछले साल हुए सशस्त्र विद्रोह से सम्बन्धित एक पोस्ट शेयर की थी। उन्होंने इस पोस्ट में 'शहीदों' के खून की तुलना अपने पीरियड्स के खून से की थी।

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