मूसल: बदले की कार्रवाई के आरोप, बगदादी का ऑडियो जारी
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चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट ने अपने नेता अबू बकर अल बग़दादी का एक ऑडियो संदेशा जारी किया है जिसमें उन्होंने लोगों से मूसल शहर की रक्षा करने की अपील की है। खुद को इस्लामिक स्टेट का ख़लीफ़ा कहने वाले बग़दादी के ऑडियो में कहा गया है कि कोई पीछे नहीं हटेगा और वो जीत को लेकर आश्वस्त हैं।
यह लगभग एक साल में बगदादी की ओर से आया पहला संदेश है। ये आईएस को उसके अखिरी गढ़ मूसल से खदेड़ने के इराक़ी सेना के अभियान के कई दिनों बाद आया है। इराक के उत्तर में स्थित मूसल में इराक़ी सेना और इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों के बीच घमासान चल रहा है।
इराक़ी सेना और उसके सहयोगी लड़ाकों ने डेढ़ दिन पहले मूसल के बाहरी इलाक़े में घुसने में कामयाबी पाई है। आईएस ने 2014 में मूसल पर कब्ज़ा किया था। उधर मानवाधिकार एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि इस्लामिक स्टेट को खदेड़ने के अभियान में शामिल सुन्नी लड़ाके मूसल के बाहरी इलाके में उन पुरुषों और लड़कों के ख़िलाफ़ बदले की कार्रवाई कर रहे हैं जिन पर आईएस का साथ देने का शक है।
मूसल में तीन से पांच हजार चरमपंथी मौजूद हैं
एमनेस्टी के अनुसार इन लोगों को सार्वजनिक तौर पर अपमानित किया जा रहा है, यातनाएं दी जा रही हैं और पीटा जा रहा है। इराकी विशेष बलों ने बुधवार को लड़ाई के 17वें दिन मूसल के पूर्वी इलाक़ों में बचे हुए आईएस के लड़ाकों को सड़कों और घरों में खोजने का अभियान चलाया था।
इस्लामिक स्टेट को खदेड़ने के अभियान में पचास हज़ार इराकी सैनिक, कुर्द लड़ाके, सुन्नी अरब कबीले के लड़ाके और शिया हथियार बंद लड़ाके शामिल हैं। इन्हें अमरीकी सेनाओं का भी सहयोग हासिल है। सोमवार को इराक के प्रधानमंत्री हैदर अल आबदी ने कहा था कि मूसल में तीन से पांच हज़ार चरमपंथी मौजूद हैं और उनके पास आत्मसमर्पण करने या मर जाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है।