रेप के बाद पीड़िता से शादी और सजा माफ...

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बीबीसी हिंदी Published by: Updated Fri, 25 Jan 2013 03:30 PM IST
morocco to change rape marriage law

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बलात्कार पीड़ितों के अधिकारों को लेकर दुनिया भर में चर्चा चल रही है।
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मोरक्को की दंड संहिता के एक अनुच्छेद के मुताबिक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करने वाला अगर लड़की से शादी कर ले तो उसके खिलाफ मुकदमा नहीं चलेगा।

दरअसल 10 महीने पहले 16 साल की लड़की अमीना फिलाली को जबरदस्ती उसी व्यक्ति से शादी करने पर मजबूर किया गया था जिसने उसका बलात्कार किया था। बाद में इस लड़की ने आत्महत्या कर ली थी।

अमीना का आरोप था कि 25 साल के मुस्तफा ने शादी के बाद उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। हालांकि मुस्तफा इससे इनकार करते हैं। शादी के सात महीने बाद अमीना ने चूहों को मारने वाला जहर खा लिया था


इस घटना ने मोरक्को में लोगों को हिला कर रख दिया था। राजधानी रबात समेत अन्य शहरों में प्रदर्शन भी हुए थे। मोरक्को के ग्रामीण भागों में अगर कोई लड़की कौमार्य खो देती है तो माना जाता है उसने परिवार को बेइज्जत किया है और उसे शादी लायक नहीं समझा जाता।

फिर चाहे उसका कौमार्य बलात्कार की वजह से गया हो। कई परिवार मानते हैं कि बलात्कार करने वाला ही अगर लड़की से शादी कर लेता है तो समस्या का हल निकल जाता है।

'वकील ने ही कहा था शादी के लिए'
अब मोरक्को के न्याय मंत्रालय ने दंड संहिता के अनुच्छेद 475 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। बलात्कार के दोषियों को कड़ी सजा पर विचार किया जा रहा है जिसमें नाबालिगों से बलात्कार पर 30 साल की सजा शामिल है।

महिला संगठनों ने इसका स्वागत किया है। लेकिन दंड संहिता में किसी भी बदलाव को संसद के दोनों सदनों को मंजूर करना होगा। अनुच्छेद 475 के मुताबिक अगर कोई नाबालिग का अपहरण करता है या धोखा देता है और इसमें हिंसा या धमकी का इस्तेमाल नहीं करता तो उसे एक से तीन साल की जेल की सजा होगी।

लेकिन इसी अनुच्छेद की एक धारा के मुताबिक अगर अभियुक्त पीड़िता से शादी कर ले तो उसके खिलाफ मामला नहीं चला सकता। केवल वही लोग मुकदमा दायर कर सकते हैं जिन्हें शादी को खत्म करने की मांग करने का हक है। मुकदमा दायर तभी हो सकता है जब शादी खत्म हो चुकी हो। इस सबका मतलब है कि अभियोजन पक्ष बलात्कार के आरोपों पर आगे कदम नहीं उठाता।

जब अमीना की मौत हुई थी तो न्याय मंत्रालय ने कहा था कि मुस्तफा के साथ उसके रिश्ते आपसी सहमति से बने थे और लड़की के पिता ने याचिका डाली था कि बेटी को मुस्तफा से शादी करने दी जाए।

इसके बाद अभियोजन पक्ष ने बलात्कार का मामला बंद कर दिया था। अमीना के पिता ने एक स्थानीय वेबसाइट को बताया कि अभियोज पक्ष के वकील ने ही उनकी बेटी को सलाह दी थी कि वो शादी कर ले।

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