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ब्रिटेन में अप्रवासियों की बढ़ेगी मुश्किलें

Thu, 10 Oct 2013 02:01 PM IST
Updated Thu, 10 Oct 2013 02:01 PM IST
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migration policy will be change in britain

ब्रिटेन में नया आव्रजन क़ानून बन जाने से अवैध तरीक़े से आने वाले अप्रवासियों का अब वहाँ रहना मुश्किल हो जायेगा।

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नए विधेयक के बन जाने से, बैंको के लिए किसी भी व्यक्ति का अकाउंट खोलने से पहले उनके अप्रवास की स्थिति को जानना अनिवार्य हो जाएगा। यह नियम किराएदार रखने वाले मकान मालिकों के लिए भी अनिवार्य हो जाएगा।

अप्रवासी मामलों में अपील की प्रक्रिया को कारगर बनाने में भी यह कारगर साबित होगा।

लेबर पार्टी का रुख़

वहीं विपक्षी लेबर पार्टी के मुताबिक़ यह बिल अप्रवासी मामलों की समस्याओं को हल करने में कामयाब नहीं होगा।
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सत्तारूढ़ कंज़रवेटिव पार्टी ने प्रेस कांफ्रेस में घोषणा की थी कि इस बिल में सभी ज़रूरी मुद्दे शामिल हैं, जैसे कि विदेशी अपराधियों को पहले निर्वासित कर, बाद में उनकी अपील पर सुनवाई करना, ताकि उनके द्वारा किसी नुक़सान का ख़तरा दोबारा न रहे।
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इस बिल के बन जाने से अस्थायी अप्रवासी जैसे कि विदेशी विद्यार्थियों के लिए भी अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा में योगदान करना ज़रूरी हो जाएगा।

ब्रिटेन के अप्रवासन मंत्री मार्क हार्पर ने कहा, ''आव्रजन विधेयक, अप्रवासियों को उन सार्वजिनक सेवाओं का उपयोग करने से रोकेगा जिसके वे हक़दार नहीं हैं, और ब्रिटेन आने वाले लोगों को रोकने में कारगर हथियार साबित होगा। यह उन लोगों को बाहर निकालने में सक्षम होगा जो अवैध तरीक़े से यहाँ रह रहे हैं।''
 
ब्रिटेन जाने वाले विदेशी विद्यार्थियों के लिये अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा में योगदान करना जरूरी हो जायेगा।

उन्होंने कहा, ''हम वैध तरीक़े से आने वाले उन श्रेष्ठ अप्रवासियों का तहेदिल से स्वागत करते हैं जो हमारी अर्थव्यवस्था और समाज को बेहतर बनाने में योगदान करना चाहते हैं और नियमों का पालन करते हैं। लेकिन नियमों को तोड़ने वाले लोगों के लिए क़ानून कभी पक्षधर नहीं होगा।''

इस बिल के बन जाने से ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले लोगों की आव्रजन स्थिति का जानना भी ज़रूरी हो जाएगा।

वहीं विपक्षी लेबर पार्टी के अप्रवासन मंत्री डेविड हैनसन ने कहा, ''टोरी पार्टी अब तक अप्रवासियों मुद्दे पर असफल रही है और इस बिल से कोई भी बड़ी समस्या हल नहीं होगी।''

अप्रवासियों की मुश्किलें

उन्होंने कहा कि, ''चुनाव के बाद से निर्वासित विदेशी अपराधियों का प्रतिशत 13 प्रतिशत तक गिर गया है, बॉर्डर पर सुरक्षा जाँच आधी हो गई है और अवैध अप्रवास बहुत ख़राब दशा में है।''


उन्होंने आगे कहा, "वे मज़दूरों से होने वाले शोषण से निपटने में भी नाकामयाब रहे हैं।।। उदाहरण के लिए यह विधेयक समस्याओं से निपटने के लिए एक अवसर है, जैसे कि न्यूनतम मज़दूरी में प्रवर्तन, यह यूरोपीय संघ को अप्रवास की समस्या पर ध्यान दिलाने में प्रभावकारी साबित होगा।"

वहीं कंज़रवेटिव पार्टी का कहना है कि वे नेट अप्रवास आंकड़े को, ग़ैर यूरोपीय देशों के एक लाख प्रति वर्ष से कम करना चाहते हैं।

ब्रिटेन की नेशनल स्टेटिस्टिक्स सर्विस के आँकड़ों के मुताबिक़ दिसम्बर 2012 में नेट माइग्रेशन बढ़कर 176,000 हो गया था, जबकि 2012 सितम्बर में यह 153,000 था।

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