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4 महीने तक रहा बर्फीली पहाड़ियों में जिंदा

Wed, 11 Sep 2013 03:58 PM IST
Updated Wed, 11 Sep 2013 03:58 PM IST
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गिरफ्तारी से बचने के लिए भागा उरुग्वे के एक शख्स को अर्जेंटीना के अधिकारियों ने चार महीने बाद बर्फीली पहाड़ियों से जीवित ढूंढ निकाला।

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अधिकारियों के अनुसार राउल अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए चिली से अर्जेंटीना भागने की कोशिश कर रहे थे। राउल मई में लापता हुए थे, जब उनकी मोटरबाइक बर्फीली तूफान में खराब हो गई।
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इसके बाद उन्हें 9300 फीट ऊंची पहाड़ियों पर पर्वतारोहियों के शिविरों में बचे हुए खाने-पीने के सामान, यहां तक की चूहे खाकर अपनी जान बचानी पड़ी।

इस दौरान राउल का वजन 20 किलोग्राम कम हो गया और शरीर में पानी की काफी कमी हो गई। इससे पहले अधिकारियों ने काफी खोजबीन करने के बाद भी राउल के न मिलने और मौसम के खराब हो जाने की वजह से उनकी तलाश बंद कर दी थी।
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लेकिन पहाड़ी इलाकों में इन शिविरों के पास बर्फ का स्तर रिकॉर्ड करने हेलिकॉप्टर से आए उत्तरी-पश्चिमी प्रांच सन जुआन के अधिकारियों की नजर राउल पर पड़ी।

सन जुआन के गर्वनर जोस लुइस गिओजा ने कहा कि यह घटना अपने आप में किसी चमत्कार से कम नहीं है। हमें अभी भी इस बात पर यकीन नहीं हो रहा।

गर्वनर ने कहा कि उन्होंने राउल को उनकी पत्नी, मां और बेटियों से मिलने की इजाजत दे दी है। डॉक्टरों का कहना है कि राउल का अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनके जल्द ही ठीक हो जाने की उम्मीद है।

गिरफ्तारी वारंट

चिली के एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि राउल एक बाल शोषण मामले में वांछित हैं। उनके खिलाफ 22 अप्रैल को गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।

उरुगुए के बेला यूनियन के रहने वाले राउल की मां ने कहा कि उन्हें इन आरोपों पर विश्वास नहीं हैं। वह एक अच्छे और मेहनती व्यक्ति है।

बेला यूनियन में हर व्यक्ति उन्हें जानता है, जहां राउल ने कभी भी किसी के लिए परेशानी नहीं पैदा की।

इससे पहले 1972 में एक विमान दुर्घटना में उरुग्वे की रग्बी टीम के सदस्यों ने भयंकर रूप से कंपकपा देने वाली सर्दी में 72 दिन बिताए थे।

इस दौरान उन्होंने दुर्घटना में मारे गए साथियों के शरीर खाकर अपने आपको जिन्दा रखा। इसमें 45 यात्रियों में से केवल 16 लोग ही जिन्दा बच पाए थे।

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