स्वराज ने की फलस्तीनी विदेश मंत्री से बातचीत
भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अपने पहले पश्चिमी एशिया के दौरे पर रविवार को फलस्तीन पहुंचीं। यहां उन्होंने अपने समकक्ष रियाद अल-मलीकी से बातचीत की। बातचीत का उद्देश्य फलस्तीन के साथ भारत की लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता को व्यक्त करना था।
इससे पहले स्वराज के इस्राइल को पार कर फलस्तीन क्षेत्र के बिटुनिया चेकप्वाइंट पहुंचने पर सहायक विदेश मंत्री माजेन शामियेह ने स्वागत किया। यहां पहुंचने के बाद स्वराज ने विदेश मंत्री अल-मलीकी से मुलाकात की। विदेश मंत्री स्वराज ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प भी अर्पित किए।
इससे पहले शनिवार को तेल अवीव एयरपोर्ट पर इस्राइल के अधिकारी ने भारतीय विदेश मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। स्वराज की यह यात्रा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के इस क्षेत्र के ऐतिहासिक दौरे के तीन महीने बाद हो रही है। स्वराज रामल्ला के वेस्ट बैंक शहर में फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से भी मुलाकात करेंगी। वह यहां प्रतिष्ठित फलस्तीनी नेता यासिर अराफात की कब्र पर फूल भी चढ़ाएंगी।
लर्निंग एंड इनोवेशन सेंट का किया उद्घाटन
भारतीय विदेश मंत्री यहां भारत-फलस्तीन डिजिटल लर्निंग एंड इनोवेशन सेंट का
भी उद्घाटन किया। इससे पहले फलस्तीन के विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा
था कि यह भारतीय विदेश मंत्री का पश्चिम एशिया क्षेत्र का पहला दौरा है और
फलस्तीन इस क्षेत्र में पहला पड़ाव है।
यह अपने आप में दर्शाता है कि
क्षेत्र में भारत और फलस्तीन के रिश्ते कितने महत्वपूर्ण हैं। भारत लोगों
के जीवन स्तर को बेहतर के लिए कई परियोजनाओं को क्रियान्वित कर रहा है।
फलस्तीन दौरे के बाद स्वराज फिर दो दिन की यात्रा पर इस्राइल पहुंचेगी जहां
वह शीर्ष इस्राइली नेतृत्व के साथ दोनों देशों के बीच सहयोग के क्षेत्र पर
बातचीत करेंगी।