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भूकंप और सूनामी के बाद मृत लोगों के सामूहिक अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 01 Oct 2018 11:37 AM IST
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इंडोनेशिया में भूकंप और इससे पैदा हुई सूनामी की वजह से मरनेवालों की संख्या 800 के पार चले जाने के बाद प्रशासन ने इस प्राकृतिक आपदा के बाद बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए जल्द से जल्द शवों को दफनाने की तैयारी शुरू कर दी है। दफनाने की प्रक्रिया सोमवार शाम से शुरू होगी। इस बीच, कई लोग अब भी ध्वस्त इमारतों के बीच फंसे हुए हैं।
भूकंप और सूनामी से मरने वालों की संख्या 830 के पार हो चुकी है और ऐसी आशंका है कि क्षतिग्रस्त सुलावेसी द्वीप में यह संख्या बढ़ सकती है। देश में यह प्रश्न बार-बार उठ रहा है कि अग्रिम सूनामी चेतावनी प्रणाली क्यों नहीं वर्षों से काम कर रही है।
शुक्रवार को 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था जिससे पैदा हुई सूनामी से समुद्र का पानी पालू में घुस आया था। राष्ट्रीय आपदा एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुरवो नुग्रहो ने बताया, “हताहतों की संख्या अभी बढ़ती रहेगी। हम मृतकों को एक साथ दफना रहे हैं ताकि बीमारियों के फैलाव को रोका जा सके।'
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भूकंप और सुनामी के बाद जीवित बचे लोग खाने-पीने की चीजों के लिए दुकान लूट रहे हैं। लेकिन पुलिसकर्मी उन्हें नहीं रोक रहे। पालू में एक व्यक्ति ने मीडिया को बताया, ‘‘ कोई सहायता नहीं है, हम भूखे हैं। हमारे पास दुकानें लूटने के अलावा कोई विकल्प नहीं है क्योंकि हमें भोजन चाहिए।'
आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि सुनामी चेतावनी प्रणाली अगर काम करती तो ज्यादा लोगों की जानें बचाई जा सकती थी लेकिन पैसे की कमी की वजह से छह साल से वह काम नहीं कर रहा है।
इंडोनेशिया के उप-राष्ट्रपति यूसुफ कल्ला ने बताया कि दूर-दराज के क्षेत्रों में मृतकों की संख्या 1000 तक पहुंच सकती है क्योंकि अभी तक कई स्थानों तक पहुंच नहीं सके हैं।
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भूकंप और सूनामी से मरने वालों की संख्या 830 के पार हो चुकी है और ऐसी आशंका है कि क्षतिग्रस्त सुलावेसी द्वीप में यह संख्या बढ़ सकती है। देश में यह प्रश्न बार-बार उठ रहा है कि अग्रिम सूनामी चेतावनी प्रणाली क्यों नहीं वर्षों से काम कर रही है।
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शुक्रवार को 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था जिससे पैदा हुई सूनामी से समुद्र का पानी पालू में घुस आया था। राष्ट्रीय आपदा एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुरवो नुग्रहो ने बताया, “हताहतों की संख्या अभी बढ़ती रहेगी। हम मृतकों को एक साथ दफना रहे हैं ताकि बीमारियों के फैलाव को रोका जा सके।'
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भूकंप और सुनामी के बाद जीवित बचे लोग खाने-पीने की चीजों के लिए दुकान लूट रहे हैं। लेकिन पुलिसकर्मी उन्हें नहीं रोक रहे। पालू में एक व्यक्ति ने मीडिया को बताया, ‘‘ कोई सहायता नहीं है, हम भूखे हैं। हमारे पास दुकानें लूटने के अलावा कोई विकल्प नहीं है क्योंकि हमें भोजन चाहिए।'
आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि सुनामी चेतावनी प्रणाली अगर काम करती तो ज्यादा लोगों की जानें बचाई जा सकती थी लेकिन पैसे की कमी की वजह से छह साल से वह काम नहीं कर रहा है।
इंडोनेशिया के उप-राष्ट्रपति यूसुफ कल्ला ने बताया कि दूर-दराज के क्षेत्रों में मृतकों की संख्या 1000 तक पहुंच सकती है क्योंकि अभी तक कई स्थानों तक पहुंच नहीं सके हैं।