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भारत के आधार मॉडल की तर्ज पर अपनी पहचान प्रणाली में तब्दीली करेगा मलयेशिया
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Sun, 14 Oct 2018 07:21 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
कल्याणकारी योजनाओं और सरकारी सब्सिडी के वितरण में धोखाधड़ी को रोकने के लिए मलयेशिया भारत की आधार पहल से सीखते हुए अपनी राष्ट्रीय पहचान कार्ड प्रणाली में तब्दीली करना चाहता है।
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मलयेशिया के मानव संसाधन मंत्री ए कुला सेगरन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलयेशिया के शासक महातिर मोहम्मद को आधार सहित उन मामलों में सहयोग की पेशकश की थी, जिनमें भारत को विशेषज्ञता हासिल है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह पेशकश इस साल मई में मलयेशिया दौरे पर की थी। मलयेशियाई मंत्रिमंडल ने इस सहयोग पर सहमति जता दी थी।
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पिछले हफ्ते कुला सेगरन के नेतृत्व में वहां के केंद्रीय बैंक, वित्त मंत्रालय, आर्थिक मामलों के मंत्रालय और मानव संसाधन मंत्रालय के अधिकारियों का एक दल भारत आया था। मलयेशियाई दल ने भारत के मंत्रियों और अधिकारियों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने इस बारे में जानकारी हासिल की थी कि क्या आधार प्रणाली की कुछ विशेषताओं को मलयेशिया में उपयोग में लाया जा सकता है।
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कुला सेगरन ने कहा कि हमने भारत के अद्वितीय पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अजय भूषण पांडे से मुलाकात की। हम भी ‘माईकैड’ नाम की आधार जैसी प्रणाली इस्तेमाल करते हैं। हम ‘माईकैड’ को आधार जैसी प्रणाली बनाना चाहते हैं। इसका प्राथमिक उद्देश्य भुगतान में धोखाधड़ी बचना और एक खास समूह को लक्षित करना है।