क्या मिल गया मलेशिया एयरलाइन के MH370 का मलबा?
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फ्रांस के द्वीप पर बुधवार सुबह किसी विमान का एक मलबा समुद्र के किनारे पाया गया। इसे करीब एक साल पहले दुर्घटनाग्रस्त हुए मलेशिया एयरलाइन का मलबा माना जा रहा है। इस मलबे के मिलने से इस लापता विमान को खोजने की एक नई आशा जगी है। हालांकि, अभी तक इस मलबे की जांच नहीं हो पाई है कि यह वास्तव में एमएच 370 का ही मलबा है या नहीं।
मलेशिया एयरलाइन के विमान एमएच 370 को दुर्घटनाग्रस्त हुए एक साल से भी ज्यादा का समय बीत चुका है। यह विमान मलेशिया के कुआलालंपुर से उड़ान भरने के बाद चीन की राजधानी बीजिंग जा रहा था जो अचानक गायब हो गया। इस विमान को खोजने की बहुत कोशिश की गई लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद भी इसका कोई पता नहीं चला। इसमें 239 यात्री सवार थे।
इस विमान की तलाश में जमीन, पानी और हवा में अबतक का सबसे बड़ा खोजी अभियान चलाया गया था लेकिन इस विमान का एक भी टुकड़ा किसी के हाथ नहीं लगा। इस विमान के गायब होने के बाद कई तरह की अफवाहें भी सूनाई दी जिसके पीछे की सच्चाई से शाय ही कभी पर्दा उठ पाए। आइए जानते हैं कुछ ऐसी ही अफवाहों के बारे में जो एमएच 370 की दुर्घटना से जुड़ी हुई हैं।
मिलिटरी अभियान में मार गिराया
एक किताब में यह चौंकाने वाला दावा किया गया कि लापता हुए मलेशिया एयरलाइन के विमान को गलती से मार गिराया गया और फिर इस पर पर्दा डालने के लिए खोजी अभियान चलाया गया।
किताब में आरोप लगाया गया है कि यूएस-थाई लड़ाकू विमानों ने ट्रेनिंग के दौरान इस गलती से इस जहाज को मार गिराया जो कि एक बहुत बड़ी गलती थी। इस घटना के 71 के बाद इस हादसे में मारे गए 14 देश के लोगों के परिजनों ने ब्रिटेन के इस प्रकाशन को बहुत जल्दी में छापा गया किताब बताने लगे।
किताब में दावा किया गया कि दोनों देशों के इस अभ्यास में नकली युद्ध को पानी, हवा और जमीनी स्तर पर अंजाम दिया गया जिसमें असली हथियारों का इस्तेमाल किया गया। अब चूंकि एक बहुत बड़ी गलती हो गई थी इसलिए इसपर पर्दा डालने के लिए सबने अपना मुंह बंद कर लिया।
पूर्व पीएम ने जताई षड़यंत्र की आशंका
मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महथिर मोहम्मद ने अमेरिका की सीआईए पर आरोप लगाए थे कि उसको इस जहाज के बारे में सब कुछ पता था। उन्होंने अपने एक लेख में इस बारे में जिक्र करते हुए लिखा कि कोई कुछ छुपा रहा है।
अगर प्लेन का जीपीएस सिस्टम फेल हो गया तो भी बोइंग और अमेरिकी सरकार को इसके बारे में पता होगा कि आखिर ये कैसे हुआ। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर बोइंग और कुछ एजेंसियों के पास ऐसी क्षमता है जो बिना किसी रूकावट के व्यावसायिक उड़ानों पर नजर रख सकती है।
बोइंग 777 का एमएच 370 भी उनमें से एक हो सकता है। उन्होंने कहा की जरूर कोई कुछ छुपा रहा है। केवल मलेशिया एयरलाइन और मलेशिया को इसके लिए जिम्मेदार ठहराना ठीक नहीं है।
अफगान हाईजैक
रूस के एक अखबार ने दावा किया था कि एमएच 370 का अपहरण कर उसे अफगानिस्तान ले आया गया जहां यात्रियों और विमान के चालक सदस्यों को बंधक बनाकर रखा गया।
सेना के एक सूत्र ने मॉक्कोवस्की कॉम्सोमोलेट्स अखबार को बताया कि 8 मार्च 2014 को 239 यात्रियों के साथ गायब हुए विमान का अपहरण कर लिया गया। इस जहाज को अफगानिस्तान में कांधार के निकट ही उतारा गया। यह जगह पाकिस्तान सीमा के काफी करीब है।
अखबार के मुताबिक अगवा किए गए यात्रियों को सात हिस्सों में बांटकर उन्हें अलग-अलग जगहों पर रखा गया।
इलेक्ट्रानिक वारफेयर
इस हादसे के बारे में एक अफवाह यह भी है कि एक परीक्षण के दौरान इस जहाज को छिपा दिया गया था। beforeitsnews.com के मुताबिक यह कहना गलत नहीं होगा कि मलेशिया एयरलाइन के विमान को किसी इलेक्ट्रॉनिक वार के दौरान छिपा दिया गया था।
वेबसाइट ने दावा किया कि जरूर ऐसा कोई हाई-टेक और ताकतवर इलेक्ट्रॉनिक हथियार मौजूद है जो यह करने में सक्षम है। ऐसा इसलिए भी कहा जा रहा है क्योंकि उस विमान में सेमीकंडक्टर बनाने वाली कंपनी फ्रीस्केल के 20 सदस्य भी मौजूद थे। ऐसी अफवाहें भी है कि इसी इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर की वजह से एमएच 370 का नॉर्थ कोरिया ले जाया गया।
आग लग गई थी
मलेशिया एयरलाइन के दुर्घटनाग्रस्त होने के पीछे जो सबसे बड़ा कारण 'आग' को माना जा रहा है। अफवाहें है कि आग लगने के कारण जहाज के अंदर मौजूद सभी लोग मारे गए। उसके बाद जहाज के बाहरी हिस्से में इसका असर हुआ।
इसके समर्थन में यह भी कहा गया कि इसी कारण से जहाज आटो पायलट मोड में ज्यादा दूर तक चला गया। एक विमानन क्षेत्र के जानकार के मुताबिक अगर ऐसा हुआ होगा तो जहाज करीब 600 मील प्रति घंटे की रफ्तार से समुद्र से टकराया होगा। उस वक्त जहाज 35 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था।
उसको उस ऊंचाई से जमीन तक आने में महज 10 से 12 मिनट का समय लगा होगा। जहाज जोरदार तरीके से समुद्र से टकराया होगा जिसकी वजह से किसी के जिंदा बचने की कोई संभावना नहीं है।