फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   Madhesis announced a fresh round of nationwide stir if demands not met

संविधान संशोधन को लेकर मधेसियों ने की नए सिरे से आंदोलन की घोषणा

Sat, 31 Dec 2016 03:29 AM IST
अतुल मिश्र/ अमर उजाला, काठमांडू
अतुल मिश्र/ अमर उजाला, काठमांडू Updated Sat, 31 Dec 2016 03:29 AM IST
विज्ञापन
Madhesis announced a fresh round of nationwide stir if demands not met

नेपाल में संविधान संशोधन विधेयक को लेकर राजनीतिक संकट फिर से गहरा गया है। संयुक्त लोकतांत्रिक मधेसी मोर्चा ने दो जनवरी से नए सिरे से राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा की है।

विज्ञापन


काठमांडू में बृहस्पतिवार और शुक्रवार को आयोजित बैठक में मधेसी मोर्चा के नेताओं ने कहा है कि अगर नेपाल सरकार बिना संविधान संशोधन के स्थानीय चुनाव कराती है, तो देशभर में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 
विज्ञापन


संविधान संशोधन विधेयक पारित होने से पहले चुनाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामले में जहां एक ओर सरकार समेत मधेसी दल संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, वहीं विपक्ष इसके खिलाफ अड़ा हुआ है। इस बीच मोर्चा ने प्रमुख विपक्षी पार्टी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) की कड़ी आलोचना की। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 

संविधान संशोधन पारित नहीं होने तक किसी भी स्तर के चुनाव मधेसी मोर्चा को स्वीकार नहीं

Madhesis announced a fresh round of nationwide stir if demands not met

मधेसी मोर्चा की बैठक में संविधान संशोधन विधेयक पारित होने से पहले स्थानीय चुनाव की तारीख घोषित करने की योजना के खिलाफ सोमवार को पूरे नेपाल में विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है।

सोमवार दोपहर एक बजे से नेपाल के सभी जिला मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। शुक्रवार को तराई मधेस लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष महंथ ठाकुर ने मधेसी मोर्चा के इस निर्णय की घोषणा की। 

ठाकुर ने कहा कि संसद में संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए आम जनता का दबाव बनाने के लिए विरोध प्रदर्शन का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि संसद से संविधान संशोधन पारित नहीं होने तक किसी भी स्तर के चुनाव मधेसी मोर्चा को स्वीकार नहीं होंगे। 

ठाकुर ने कहा कि नेपाल के बडे़ राजनीतिक दलों की फिर से मधेसी जनजाति को दबाकर दोयम दर्जे के नागरिक जैसा बर्ताव करने का सपना अब पूरा नहीं होगा। मधेसी मोर्चा ने नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) की ओर से एक माह से संसद की कार्यवाही बाधित करने को अलोकतांत्रिक करार दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed