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मधेसी सड़क पर न करें तमाशा, संविधान का पुनर्लेखन स्वीकार नहीं: ओली

Tue, 17 May 2016 04:54 AM IST
अतुल मिश्र/ अमर उजाला, काठमांडू
अतुल मिश्र/ अमर उजाला, काठमांडू Updated Tue, 17 May 2016 04:54 AM IST
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Maddhesi protest continues, Oli says there is no change in constitution
मद्धेसियों का प्रदर्शन - फोटो : Getty

नए संविधान के विरोध में और अपनी अन्य मांगों को लेकर मधेसियों का आंदोलन सोमवार को भी जारी रहा। राजधानी काठमांडू में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक स्थल सिंहदरबार पर प्रदर्शन किया।

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इसी बीच, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने मधेसियों के सड़क पर उतरने को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सड़क पर तमाशा किया जा रहा है, लेकिन संविधान का पुनर्लेखन करना किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। करीब साढ़े छह महीनों तक चले आंदोलन के बाद मधेसियों ने रविवार को अपने आंदोलन को नए सिरे से शुरू किया है।
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इस बार सात मधेसी दलों के साथ 22 अन्य जातीय समूह शामिल हैं। सोमवार को नेपाल के अहम प्रशासनिक परिसर सिंहदरबार पर प्रदर्शन करते हुए हजारों प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय में घुसने की कोशिश की। इस दौरान उनकी पुलिस से झड़प हो र्गई, जिसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए।

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आज करेंगे प्रधानमंत्री आवास का घेराव 

Maddhesi protest continues, Oli says there is no change in constitution
फाइल फोटो - फोटो : Getty

राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में नेपाली पीएम ने इस आंदोलन को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि सड़क पर क्यों तमाशा किया जा रहा है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि अगर यह तमाशा नहीं रोका गया, तो वह कानूनी तौर पर कार्रवाई करेंगे।

ओली ने मधेसी नेताओं को हिदायत दी कि सड़क पर तमाशा करने से बेहतर है कि मधेसी स्वयंसेवक बनकर जनता के हित में काम करें और भूकंप पीड़ितों की सहायता करें। उन्होंने संविधान पुनर्लेखन की मांग को भयानक कपट और षड्यंत्र करार दिया। उन्होंने कहा कि संविधान पुनर्लेखन किसी भी हाल में नहीं होगा। 

मधेसी दलों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री निवास पर धरना देने की चेतावनी दी है। मधेसियों ने कहा कि प्रधानमंत्री पर दबाव बनाने के लिए उनके आवास का घेराव किया जाएगा। संघीय प्रदेश सीमांकन और नए संविधान से असहमति रखने वाले मधेसी फिलहाल अपने आंदोलन को राजधानी पर ही केंद्रित रख रहे हैं। 

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