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लंदन: फ्रिज में विस्फोट से जला 27 मंजिला बिल्डिंग, खिड़कियों से फेंके गए बच्चे

Wed, 14 Jun 2017 07:16 PM IST
amarujala.com- Submitted by: मुकेश झा
amarujala.com- Submitted by: मुकेश झा Updated Wed, 14 Jun 2017 07:16 PM IST
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London Incident: People were throwing children from windows-eyewitnesses
लंदन हादसा - फोटो : bbc

पश्चिमी लंदन के लाटिमर रोड पर स्थित एक 24 मंजिला रिहाइशी इमारत में लगी आग में अब तक 6 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। लगभग 50 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं लेकिन कई अन्य लोगों का कुछ अतापता नहीं है। कई लोग मारे गए हैं। आग लगने के दस घंटे बाद भी ग्रेनफेल टावर से आग निकल रही है। लंदन के फायर कमिश्नर ने कहा है कि फिलहाल ये बताना मुश्किल है कि कुल कितने लोगों की मौत हुई है, इसके बारे में अभी पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है।

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इस घटना के कुछ चश्मदीदों और आग से बच कर निकलने वाले कुछ लोगों की आपबीती पढ़िए -

मेरे चारों ओर इमारत के टुकड़े गिर रहे थे, अचानक मैं एक गर्म मेटल के टुकड़े से टकराई। मैं बस लोगों पर चीख रही थी कि वो बाहर निकलें। और वो लोग मुझे चिल्ला कर बता रहे थे कि कॉरिडोर में धुंआ भर गया है। मुझे लगता है कि उन्हें लगा कि इमारत में फायर ब्रिगेड पहुंच चुकी है। जैसे-जैसे आग बढ़ रही थी मैं देख रही थी कि फायर ब्रिगेड के लोग भी वहां पहुँच चुके हैं क्योंकि मैं इमारत के भीतर से फ्लैशलाइट देख सकती थी। लेकिन केवल चौथी मंजिल तक। मुझे नहीं लगता कि वो लोग चौथी मंजिल से ऊपर भी गए होंगे क्योंकि शायद ऐसा करना असंभव हो गया होगा। लोग अपनी खिड़कियों से अपने फोन की टॉर्च जला कर दिखा रहे थे और पूरी इमारत धुंए और आग की लपटों में घिरी थी। मुझे लगता है कि इमारत में बहुत सारे लोग थे लेकिन ज्यादा लोग बाहर निकल नहीं पाए।

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तमारा बाहर थीं- '15 मिनटों में टॉवर धू-धू कर जलने लगा'

London Incident: People were throwing children from windows-eyewitnesses
लंदन हादसा - फोटो : bbc

एक बजे के आसपास मेरी मां ने मुझे फ़ोन किया और कहा कि शायद बाहर आग लगी है. हम लोग बाहर आए। जब तक मैं वहां पहुंची इमारत का बांया हिस्सा पूरी तरह जल चुका था और दाहिने हिस्से में आग बढ़ रही थी। पूरी इमारत ही आग की लपटों में घिरी थी। लोग मदद के लिए पुकार रहे थे- 'हेल्प मी, हेल्प मी, हेल्प मी'। मैं, मेरा भाई और हम कुछ लोग जो इसी इलाके में रहते हैं इमारत के उस हिस्से तक पहुंचे जहां हम नजदीक जा सकते थे।

लोग खिड़कियों से अपने बच्चों को बाहर फेंक रहे थे। वो कह रहे थे, 'बस मेरे बच्चों को बचा लो'। वहां फायर ब्रिगेड थी, पुलिस एंबुलेंस थी, लेकिन कोई कुछ कर नहीं पा रहे थे क्योंकि वो अंदर जा नहीं पा रहे थे। वो कह रहे थे कि जहां हो वहीं रहो हम फिर आकर आपको निकालेंगे। लेकिन आग ज्यादा तेजी से फैल रही थी, उनके पास काम बहुत था, वो जल्दी लौट नहीं पाए।
और 15 मिनटों में पूरी इमारत धू-धू कर जलने लगी, लोग अब भी खिड़कियों पर खड़े चीख रहे थे- 'हेल्प मी, हेल्प मी'

महाद चौथी मंजिल से बच्चों को लेकर भागे

London Incident: People were throwing children from windows-eyewitnesses
लंदन हादसा - फोटो : bbc

आप देख सकते थे कि जहां वो थे वहां आखिरी कमरे में भी आग आ गई थी। मैंने अपनी पत्नी को बताया। मैं चिल्ला रहा था, आग लग गई है, जल्दी बाहर निकलो। हमने कुछ तौलिए गीले किए और बच्चों के कमरे में गए और उन्हें पूरी तरह से तौलिए में लपेट कर बाहर की तरफ भागे। वहां इतना घना अंधेरा था, इतना धुंआ था, कुछ लोग सीढ़ियों से नीचे की तरफ दौड़ रहे थे, कुछ लोगों के हाथों में बक्से थे, वहां हर तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी।

पॉल 7वीं मंजिल से बच कर निकले
मैं फायर अलार्म सुन कर बाहर नहीं निकला। मैंने इमारत के नीचे देखा, लोग चीख रहे थे। वो दूसरों से कह रहे थे 'नीचे मत कूदो, इमारत से नीचे मत कूदो।'सच कहूं तो मुझे नहीं पता कि क्या वाकई लोग अपनी जान बचाने के लिए इमारत से नीचे कूद रहे थे या नहीं। लेकिन इस घटना के बारे में मैं कह सकता हूं कि इमारत के फायर अलार्म बजे ही नहीं।इमारत में रहने वाली सांड्रा रुईज़ आग से बच कर बाहर निकलीं। उन्होंने बताया- 'बाहर कई लोग बैठे हुए थे और खोए-खोए दिख रहे थे। उन्होंने कहा कि जो लोग उनकी मदद के लिए यहां आए हैं वो कोशिश कर हैं कि किसी तरह से उनकी मदद कर पाएं।

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