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कंप्यूटर बाज़ार में छाई चीनी कंपनी
Updated Sat, 27 Oct 2012 04:01 PM IST
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शोध संस्था गार्टनर के मुताबिक़ चीन की कंपनी 'लेनोवो' अब दुनिया की सबसे बड़ी कंप्यूटर निर्माता कंपनी बन गई है।
गार्टनर के अनुसार शोध के आरंभिक आँकड़ों से पता चलता है कि लेनोवो ने इस मामले में एचपी कंपनी (हेवलेट-पैकर्ड) को पीछे छोड़ दिया है। गार्टनर का कहना है कि लेनोवो ने तीसरी तिमाही में एक करोड़ 38 लाख कंप्यूटरों का निर्यात किया है जबकि इसी दौरान एचपी ने सिर्फ़ एक करोड़ 35 लाख कंप्यूटरों का निर्यात किया।
संस्था का कहना है कि इसकी प्रमुख वजह लेनोवो का अपने दामों में भारी कमी करना है। वहीं एक अन्य शोध संस्थान आईडीसी ने इससे कुछ अलग आँकड़े दिए हैं। आईडीसी का कहना है कि इस दौरान एचपी ने कुल एक करोड़ 39 लाख कंप्यूटरों का निर्यात किया और वैश्विक बाज़ार में उसकी हिस्सेदारी 15.9 फ़ीसदी है, जबकि लेनोवो की हिस्सेदारी एक करोड़ 38 लाख कंप्यूटरों के साथ 15.7 प्रतिशत ही है।
विस्तार
विश्लेषकों का कहना है कि लेनोवो हाल के दिनों में सबसे अच्छी गुणवत्ता के कंप्यूटर बनाने वाली कंपनी के रूप में उभरी है और तेज़ी से अपने व्यापारिक दायरे को बढ़ा रही है। फ्रॉस्ट एंड सुलिवन के एंड्रयू मिलरॉय कहते हैं, “आज लेनोवो की जो स्थिति है, उसे देखकर ये कहा जा सकता है कि आने वाले दिनों में ये दुनिया की नंबर एक कंप्यूटर निर्माता कंपनी हो जाएगी।”
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गार्टनर का ये भी कहना है कि दुनिया की पाँच सबसे बड़ी कंप्यूटर बनाने वाली कंपनियों में सिर्फ़ लेनोवो ही एकमात्र ऐसी कंपनी है जिसकी तीसरी तिमाही में अमरीका को निर्यात होने वाले कंप्यूटरों में बढ़ोत्तरी हुई है। गार्टनर और आईडीसी दोनों के आँकड़ों से पता चलता है कि इसी तिमाही में पिछले साल दुनिया भर में कंप्यूटर बाज़ार में आठ प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।
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गार्टनर के अनुसार शोध के आरंभिक आँकड़ों से पता चलता है कि लेनोवो ने इस मामले में एचपी कंपनी (हेवलेट-पैकर्ड) को पीछे छोड़ दिया है। गार्टनर का कहना है कि लेनोवो ने तीसरी तिमाही में एक करोड़ 38 लाख कंप्यूटरों का निर्यात किया है जबकि इसी दौरान एचपी ने सिर्फ़ एक करोड़ 35 लाख कंप्यूटरों का निर्यात किया।
संस्था का कहना है कि इसकी प्रमुख वजह लेनोवो का अपने दामों में भारी कमी करना है। वहीं एक अन्य शोध संस्थान आईडीसी ने इससे कुछ अलग आँकड़े दिए हैं। आईडीसी का कहना है कि इस दौरान एचपी ने कुल एक करोड़ 39 लाख कंप्यूटरों का निर्यात किया और वैश्विक बाज़ार में उसकी हिस्सेदारी 15.9 फ़ीसदी है, जबकि लेनोवो की हिस्सेदारी एक करोड़ 38 लाख कंप्यूटरों के साथ 15.7 प्रतिशत ही है।
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विश्लेषकों का कहना है कि लेनोवो हाल के दिनों में सबसे अच्छी गुणवत्ता के कंप्यूटर बनाने वाली कंपनी के रूप में उभरी है और तेज़ी से अपने व्यापारिक दायरे को बढ़ा रही है। फ्रॉस्ट एंड सुलिवन के एंड्रयू मिलरॉय कहते हैं, “आज लेनोवो की जो स्थिति है, उसे देखकर ये कहा जा सकता है कि आने वाले दिनों में ये दुनिया की नंबर एक कंप्यूटर निर्माता कंपनी हो जाएगी।”
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गार्टनर का ये भी कहना है कि दुनिया की पाँच सबसे बड़ी कंप्यूटर बनाने वाली कंपनियों में सिर्फ़ लेनोवो ही एकमात्र ऐसी कंपनी है जिसकी तीसरी तिमाही में अमरीका को निर्यात होने वाले कंप्यूटरों में बढ़ोत्तरी हुई है। गार्टनर और आईडीसी दोनों के आँकड़ों से पता चलता है कि इसी तिमाही में पिछले साल दुनिया भर में कंप्यूटर बाज़ार में आठ प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।