फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   law for the beating of wife is coming soon

बीवी की पिटाई कर सकने वाले प्रस्ताव पर बहस

Fri, 27 May 2016 02:28 PM IST
बीबीसी/संवादाता
बीबीसी/संवादाता Updated Fri, 27 May 2016 02:28 PM IST
विज्ञापन
law for the beating of wife is coming soon
Islamic women - फोटो : BBC

पाकिस्तान में ऐसे विधेयक के मसौदे पर बहस जारी है जिसमें पति को पत्नी को हल्की पिटाई करने की इजाज़त होगी। महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित मॉडल कानून बनाने के इस मसौदा विधेयक को काउंसिल ऑफ इस्लामिक आइडियोलॉजी (सीआईआई) में रखा गया है।

विज्ञापन


इस विधेयक में स्कूलों अस्पतालों और कार्यालयों में मर्द और औरतों के बीच मेलजोल पर पाबंदी जैसे प्रस्ताव भी शामिल है। सीआईआई एक संवैधानिक निकाय है जो इस्लामिक कानूनों से जुड़े हुए मुद्दों पर संसद को अपने सुझाव देता है। लेकिन संसद इन्हें मानने को बाध्य नहीं है।
विज्ञापन


हालांकि ट्विटर पर इसकी खूब आलोचना हो रही है। ट्विटर यूजर इस मसौदे को मूर्खतापूर्ण बता रहे है और इसे महिलाओं के खिलाफ हिंसा बढाने वाला बता रहे है। सोशल मीडिया पर काउंसिल को भंग करने की मांग तेज हो गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

काउंसिल में विधेयक के 163 बिंदुओं पर गुरुवार से बहस शुरू हो गई है

law for the beating of wife is coming soon
Islamic women - फोटो : BBC

सीआईआई के मसौदा विधेयक में कहा गया है कि महिलाओं को वो सारे हक मिलेंगे जो शरिया में उन्हें दिए गए है। हालांकि इसमें कला के नाम पर नृत्य संगीत, और मूर्तियां बनाने पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई है।
 
इस साल की शुरुआत में पंजाब असेंबली ने एक महिला सुरक्षा विधेयक पास किया था। जिसे सीआईआई और धार्मिक पार्टियों ने कड़ा विरोध जताते हुए खारिज कर दिया था। और इसे गैर इस्लामिक करार दिया था। खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने ऐसा ही एक विधेयक काउंसिल के विचार के लिए भेजा था। 

जिसे सीआईआई ने ग़ैर इस्लामिक करार देते हुए खारिज कर दिया था। और घोषणा की थी कि वो इसकी जगह एक मॉडल विधेयक तैयार करेगा। काउंसिल में विधेयक के 163 बिंदुओं पर गुरुवार से बहस शुरू हो गई है। 

जो शुक्रवार तक चलेगी। इस विधेयक की प्रतियां सभी प्रांतीय असेंबलियों को भेज दी गई है। इन बिंदुओं में संपत्ति, शादी, मां बनना, अपराध और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचार पर भी सुझाव दिए गए है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed