फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   Law firm file case in panama pare leak case

पनामा की लॉ फर्म ने दर्ज कराई आपराधिक शिकायत

Wed, 06 Apr 2016 09:18 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 06 Apr 2016 09:18 PM IST
सार

  •  विदेश में रखे सर्वरों के जरिए कंपनी को हैक किया गया
  • ओईसीडी के कालाधन छुपाने की जगह वाले को पनामा ने किया खारिज

विज्ञापन
Law firm file case in panama pare leak case
पनामा पेपर्स लीक

विस्तार

पनामा दस्तावेजों के खुलासे का केंद्र रहे लॉ फर्म के संस्थापकों में से एक रैमन फोनसेका ने कहा है कि विदेश में रखे सर्वरों के जरिए कंपनी को हैक किया गया है। उन्होंने कहा कि लॉ फर्म मोसेक फोनसेका ने पनामाई अभियोजक के पास सोमवार को आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि अब तक की रिपोर्टिंग में किसी ने भी हैकिंग की चर्चा नहीं की है। वास्तव में यही एक अपराध किया गया है। उन्होंने यह नहीं बताया कि किस देश से हैकिंग की गई। फोनसेका ने इस वास्तविकता पर अफसोस जताया कि मोसेक फोनसेका की कंप्यूटर प्रणाली से उड़ाए गए 1.15 करोड़ दस्तावेज हाई प्रोफाइल ग्राहकों के थे। इन ग्राहकों ने इस लॉ फर्म के जरिए विदेशी कंपनियां बनाई थीं। पनामा ने ओईसीडी द्वारा अपने ऊपर लगाए गए कालाधन छुपाने की जगह वाले आरोप को भी खारिज कर दिया है।
विज्ञापन


पनामा के उप विदेश मंत्री लुईस मिगुल हिनकैपी ने मंगलवार को ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इकोनॉमिक कॉपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी) के एंजेल गुरिया को पत्र लिखकर कहा कि उन्होंने ‘ऐसे आरोप और आक्षेप लगाएं हैं जिनके झूठ आसानी से प्रदर्शित होते हैं। गुरिया ने अपने बयान में कहा था कि ‘पनामा दस्तावेजों के खुलासे से पनामा की संस्कृति और गोपनीयता बरतने की प्रक्रिया उजागर होती है। पनामा ऐसी जगह है जो विदेश में टैक्स और कानून प्रवर्तन विभागों से पैसे छुपाने की अनुमति देना जारी रखा हुआ है।’
विज्ञापन
विज्ञापन


ओईसीडी ने आरोप लगाया था कि पनामा के वित्तीय लेनदेन को और ज्यादा पारदर्शी बनाए जाने की जरूरत है। ओईसीडी का कहना है कि वित्तीय सूचनाओं के ऑटोमेटिक आदान-प्रदान के मामले में पनामा अब भी काफी पीछे है। हिनकैपी ने अपने पत्र में लिखा है कि पनामा की कंपनियों के नियम मूल रूप से किसी दूसरे महत्वपूर्ण वित्तीय न्यायक्षेत्र से भिन्न नहीं हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि आधी विदेशी कंपनियां ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में पंजीकृत हैं जहां ब्रिटेन का कानून चलता है। हिनकैपी के अनुसार, अमेरिका का डेलावेयर कंपनी के मालिकों को पूरी गोपनीयता बरतने की अनुमति देता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed