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एशियाई देशों को अपने प्रभाव में ला रहा है चीन, अब श्रीलंका भी फंसा जाल में

Wed, 27 Jun 2018 10:04 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर अजाल
वर्ल्ड डेस्क, अमर अजाल Updated Wed, 27 Jun 2018 10:04 AM IST
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know how China trying to influence neighbours of India, now Sri Lanka is trapped

एशियाई देशों पर अपनी पैठ मजबूत करने के लिए चीन अपनी चालों में कामयाब हो गया है। फिर चाहे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा की बात करें या फिर श्रीलंका में हंबनटोटा बंदरगाह की, वह अपने कदम आगे बढ़ा रहा है। एशिया के वो देश जो अपने विकास और आर्थिक सहायता के लिए चीन का हाथ थामते रहे हैं, खुद ही मुसीबत में फंसते दिख रहे हैं।

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न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक श्रीलंका में चीन की सहायता से बन रहा हंबनटोटा बंदरगाह श्रीलंका के लिए घाटे का सौदा साबित हो गया है। कहा जा रहा है कि कई साल तक निर्माण कार्य चलने के बाद और चीनी कंपनी हार्बर इंजिनियरिंग लिमिटेड से कई बार करार होने के चलते इसकी लागत काफी बढ़ गई है। फिजिबिलिटी रिपोर्ट भी यही कहती है कि यह बंदरगाह काम नहीं करेगा। यहां तक की भारत जैसे देश भी इसका प्रयोग करने से इंकार कर चुके हैं।  
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अब परिणाम यह है कि हंबनटोटा बंदरगाह डेवेलपमेंट प्रोजेक्ट को फेल करार दिया जा चुका है। जहां दुनिया के अन्य शिपिंग लेन्स में हर साल हजारों जहाज निकलते हैं। वहीं इस बंदरगाह में साल 2012 में केवल 34 जहाज निकले। जिसके बाद यह बंदरगाह अब चीन का हो गया है। यह कर्ज तत्कालीन राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के कार्यकाल में काफी बढ़ा। जिसका खामियाजा वर्तमान सरकार भुगत रही है। राजपक्षे 2015 में सत्ता से बेदखल हो गए और अब नई सरकार चीनी कर्ज चुकाने में परेशानी का सामना कर रही है।
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जानकारी के लिए बता दें चीन के भारी दबाव के बाद श्रीलंका की सरकार ने उसे 15000 एकड़ जमीन 99 सालों के लिए लीज पर दी थी। यह कार्य बीते साल दिसंबर में संपन्न हुआ। इस प्रकार दूसरे देशों पर अपना प्रभाव जमाकर भारत को चारों ओर से घेरने की अपनी योजना में चीन सफल होता जा रहा है। हंबनटोटा बंदरगाह ने भी चीन को भारत से कुछ सौ मील दूर पैर जमाने का मौका दे दिया है। चीन अपनी आर्थिक और सैनिक पकड़ की मजबूती के लिए नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान सहित भारत के कई पड़ोसी देशों में अभी भी ऐसी योजनाएं चला रहा है।

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