फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   kenya malls loot

कीनिया हमला: लौटे तो पूरी दुकान लुट चुकी थी

Wed, 09 Oct 2013 06:28 PM IST
Updated Wed, 09 Oct 2013 06:28 PM IST
विज्ञापन
kenya malls loot

कीनिया की राजधानी नैरोबी में वेस्टगेट मॉल पर हुए हमले को करीब 15 दिन हो चुके हैं। वेस्टगेट मॉल की इमारत उस हमले की गवाह है।

विज्ञापन


इस मॉल की ओर जाते हुए बाहर से सब ठीक ही नज़र आता है- सिवाय कुछ खिड़कियों के टूटे कांच के और दीवारों पर गोलियों के निशान के। लेकिन मॉल के अंदर वहां हुई मौतें और लूट पाट के सबूत साफ़ देखे जा सकते हैं।

हमले के बाद से बेहद कम लोगों को मॉल के अंदर जाने दिया गया है जिसमें दुकानदार भी शामिल हैं।

मार्टिन ओमोंडी की ग्राउंड फ्लोर पर कैमरे की दुकान है। दुकान में जो कुछ बचा था वो समेटते हुए मार्टिन कहते हैं, “हमारे करीब सारे कैमरे चले गए- 11 हज़ार पाउंड।”
विज्ञापन


मार्टिन को नहीं पता कि उनका सामान किसने चुराया। वो सरकारी जांच का इंतज़ार कर रहे हैं।

सेराह वामबुई का पहले माले पर सैलून था। वे इस लूटपाट के लिए सुरक्षाकर्मियों को दोषी मानती हैं।

उनका कहना है, “हमारा कैबिनेट जिसमें दिखाने के लिए गहने रखे जाते थे उसे लूट लिया गया। उन्होंने हमारा लॉकर तक खोल कर देखा कि उसमें पैसे हैं या नहीं। पैसों का बक्सा चुरा लिया लेकिन हमारे उत्पाद वहीं पड़े हैं।”
विज्ञापन
विज्ञापन


कीनिया के रक्षा मंत्रालय ने लोगों से कहा है कि जिनके पास लूटपाट होने के सबूत हैं वो जानकारी साझा करें। लेकिन मार्टिन और सेराह जैसे लोगों को नहीं पता कि आगे क्या करना है।

अब मॉल नहीं जाते
नैरोबी के अन्य शॉपिंग सेंटरों पर भी हमले का असर साफ़ देखा जा सकता है। हामिद एहसानी का अपना स्टोर है जो अमेरिकी और संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के करीब है।

वे कहते हैं, “पहले कुछ दिन तो ग्राहकों में 20 फ़ीसदी तक की गिरावट थी। लेकिन अब ग्राहकों में बढ़ोत्तरी हो रही है।”

नैरोबी में रहने वाले बिज़नस एनालिस्ट ऐली खान कहते हैं कि लोग छोटी दुकानों पर ज़्यादा जा रहे हैं और शॉपिंग सेंटरों में कमोबेश सन्नाटा है।

वे कहते हैं कि कीनिया में मॉल संस्कृति आने से मध्य वर्ग काफी उत्साहित था। पर सवाल यह है क्या अब कीनियाई मध्य वर्ग के रवैये में बदलाव आएगा। ऐली खान मानते हैं कि ये डर ज़्यादा दिनों तक नहीं रहेगा।

कीनियाई अर्थव्यवस्था के दोबारा उछलने के और भी संकेत मिल रहे हैं। हमले के बाद स्टॉक मार्केट में गिरावट आई थी लेकिन बाद में इसमें उछाल आया है।

अर्थव्यवस्था पर असर

ऐली खान कहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के डटे रहने से कीनियाई स्टॉक एक्सचेंज को मदद मिली। हालांकि वो मानते हैं कि कीनिया का पर्यटन उद्योग सॉफ्ट टार्गेट है।

वैसे अभी तक तो होटल बुकिंग में ज़्यादा गिरावट नहीं आई है। कई विदेशी पर्यटकों ने बीबीसी से बात की और कहा कि वे हमले के बाद अपनी योजना नहीं बदल रहे हैं।


अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का कहना है कि कीनिया में इतनी क्षमता है कि वो इस्लामी चरमपंथियों का एक हमला सह सकता है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वेस्टगेट जैसा दूसरा हमला होता है तो कीनिया के विकास की कहानी बदल सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed