फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   Japan's Emperor Akihito will abdicate the throne on 2019

दो सदी बाद पहली बार कोई जापानी सम्राट छोड़ेगा सिंहासन

Sat, 02 Dec 2017 06:50 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
टीम डिजिटल/अमर उजाला Updated Sat, 02 Dec 2017 06:50 AM IST
विज्ञापन
Japan's Emperor Akihito will abdicate the throne on 2019

पिछली दो शताब्दियों से जापान में किसी सम्राट ने अपनी गद्दी को जीते-जी नहीं छोड़ा है, लेकिन पहली बार जापानी सम्राट ने अपना सिंहासन छोड़ने का फैसला किया है।

विज्ञापन


अपना पद छोड़ने की इच्छा जताने के बाद सरकार के प्रतिनिधियों, इंपीरियल हाउस और जापान के कानूनी विशेषज्ञों ने उनके सिंहासन छोड़ने की तारीख पर फैसला किया। जापान के सम्राट अकिहितो 30 अप्रैल 2019 को अपनी गद्दी छोड़ देंगे।
विज्ञापन


जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने इस बारे में घोषणा करते हुए बताया कि स्वास्थ्य कारणों से 83 साल के लोकप्रिय सम्राट के पद छोड़ने की तारीख पर शाही परिषद ने बिना किसी बाधा के यह फैसला लिया है जिससे वह बेहद प्रभावित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


परिषद ने 30 अप्रैल को आदर्श तिथि इसलिए माना क्योंकि इसी तारीख से जापानी राजकोषीय व प्रशासनिक वर्ष की शुरूआत होती है। इसी दौरान अकिहितो के उत्तराधिकारी नारुहितो सभी कानूनी व प्रशासनिक प्रक्रियाओं के साथ पदभार ग्रहण करेंगे। 

प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश करेगी कि जापानी नागरिक सम्राट के गद्दी छोड़ने और शहजादे के सिंहासन संभालने का जश्न मना सकें।

सम्राट अकिहितो के बड़े बेटे शहजादे नारहितो फिलहाल 57 साल के हैं और पिता के गद्दी त्यागने के अगले दिन क्रिसेंथमम थ्रोन (सिंहासन) पर आसीन होंगे। अकिहितो ने पिछले साल ही सिंहासन छोड़ने की अपनी इच्छा जताई थी। जापान के इस राजपरिवार को दुनिया की सबसे पुरानी आनुवांशिक राजशाही माना जाता है। 

2016 में अकिहितो ने जताई थी मंशा

Japan's Emperor Akihito will abdicate the throne on 2019
पिछले साल सम्राट अकिहितो ने अपनी खराब होती सेहत के कारण जिम्मेदारियों को संभालने में आ रही दिक्कतों का हवाला देते हुए सिंहासन छोड़ने के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा कि मुझे चिंता है कि जिस प्रकार मैं अब तक राज्य के प्रमुख के बतौर अपना फर्ज निभाता आया हूं, उसे आगे जारी रखना मेरे लिए मुश्किल होगा। उन्होंने कहा था कि कई बार मुझे अपनी सेहत के कारणम बाध्यता महसूस होती है।

अकिहितो जापान का राजा
जन्म : 23 दिसंबर, 1933 को टोक्यो में
पिता : हिरोहितो
माता : नागाको कुनी
पत्नी : शोदा मैचिको (विवाह - 10 अप्रैल, 1959 को)
पुत्र : नारहितो अकिहितो
शिक्षा : गाकुशऊन विश्वविद्यालय (1952-1956)
अकीहितो अपने पिता की मृत्यु के बाद 7 जनवरी, 1989 को जापान के राजा बने।
वह हिरोहितो के पांच पुत्रों में सबसे बड़े थे।
द्वितीय विश्वयुद्घ के दौरान वह टोक्यो से बाहर रहे लेकिन 1949 में युद्घ के बाद वापस लौट गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed