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इज़राइल की फ़िलस्तीन के राष्ट्रपति को दो टूक

Fri, 25 Apr 2014 10:51 AM IST
Updated Fri, 25 Apr 2014 10:51 AM IST
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Israel told Abbas Break agreement with Hamas

इज़राइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतान्याहू ने बीबीसी से कहा है कि अगर फ़िलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास शांति चाहते हैं तो उनके संगठन फ़तह को हमास से समझौता तोड़ना होगा। इज़राइल इससे पहले फ़तह और हमास के बीच समझौते के जवाब में फ़िलस्तीनियों से शांति वार्ता को स्थगित कर चुका है।

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अमेरिका ने समझौते को लेकर "असहमति" जताई है लेकिन वह अभी बातचीत ख़त्म होने का एलान करने को तैयार नहीं है और "अब भी कोशिश" कर रहा है। फ़तह और हमास के बीच बुधवार को जो समझौता हुआ है उसके मुताबिक दोनों संगठन कुछ हफ़्तों में एक संयुक्त सरकार बनाने और छह महीने बाद चुनाव कराने पर सहमत हुए हैं।
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दोनों ही संगठनों में तब से संघर्ष जारी है जब साल 2006 में हमास ने संसदीय चुनाव जीता था और फिर महमूद अब्बास और फ़तह के प्रति वफ़ादार सेनाओं को साल 2007 में गज़ा पट्टी से खदेड़ कर वहां सरकार बना ली थी।

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फ़िलस्तीन अपने रुख पर कायम

Israel told Abbas Break agreement with Hamas

नेतान्याहू ने बीबीसी के मध्य पूर्व संपादक जेरेमी बॉवेन से कहा कि अब्बास या तो "इज़राइल के साथ शांति रख सकते हैं या हमास से समझौता रख सकते हैं, दोनों नहीं।"

उन्होंने कहा कि इज़राइल फ़िलस्तीनियों से तभी शांति वार्ता की शुरुआत करेगा जब "वे आतंक का रास्ता छोड़ दें"। नेतान्याहू ने कहा, "जब तक मैं इज़राइल का प्रधानमंत्री हूं, मैं कभी ऐसी फ़िलस्तीनी सरकार से बातचीत नहीं करूंगा जिसे हमास के आतंकवादियों का समर्थन हो जो हमें बर्बाद करना चाहते हैं।"

हमास और फ़तह के बीच पहले हुए समझौते नाकाम रहे हैं। फ़िलस्तीन के प्रमुख वार्ताकार साएब एरेकात ने ज़ोर देकर कहा कि फ़िलस्तीनी समझौता अंदरूनी मसला है। उन्होंने समाचार एजेंसी एपी से कहा, "इसराइल को इस मुद्दे पर दखल देने का कोई हक़ नहीं है।"

'दख़ल का हक़ नहीं'

Israel told Abbas Break agreement with Hamas

गज़ा में हमास की अगुवाई वाली सरकार के प्रधानमंत्री इस्माइल हनिया ने कहा कि उन्हें नेतान्याहू के फ़ैसले पर अचरज नहीं है। उन्होंने कहा, "इज़राइल का ये रुख़ साफ़ अनुमानित था। ये क़ब्ज़ा है, वे नहीं चाहते कि फ़िलस्तीन के लोग एक हों।"

इससे पहले राष्ट्रपति अब्बास ने कहा कि "सुलह और शांति के बीच कोई विसंगति नहीं है" और वो दो राष्ट्र समाधान के आधार पर शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने गुरुवार को महमूद अब्बास से बात की और उन्हें अपनी 'नापसंदगी' के बारे में बताया लेकिन साथ ही ये भी कहा कि अमेरिका शांति वार्ता के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

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