आईएस ने ली यमन हमले की जिम्मेदारी
डॉक्टरों का कहना है कि यमन की राजधानी सना में हुए दो आत्मघाती बम हमलों में 130 से अधिक लोग मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं।
ये धमाके जुमे की नमाज़ के वक्त दो मस्जिदों में हुए। उस वक्त वहां काफी तादाद में लोग मौजूद थे। कम से कम तीन लोगों ने एक साथ हमला किया।
चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट ने हमले की जिम्मेदारी ली है। ये सूचना आईएस ने अपने ट्विटर अकाउंट पर साझा की। अगर इस खबर की पुष्टि हो जाती है तो ये यमन में स्थित आईएस की शाखा का ऐसा पहला हमला होगा।
हर तरफ खून
घटनास्थल पर मौजूद मोहम्मद अल अन्सी ने एसोसिएटिड प्रेस से कहा कि ''मस्जिद के फर्श पर लोगों के पैर, हाथ और सिर बिखरे पड़े हैं और खून नदी की तरह बह रहा है।''
उन्होंने ये भी बताया कि जो लोग इस हमले में बच गए वो धमाका होने से टूटे मस्जिद के शीशों से बुरी तरह जख्मी हो गए हैं। दोनों मस्जिदों का इस्तेमाल शिया विद्रोहियों के समर्थक किया करते हैं।
इन शिया विद्रोहियों को हूती के नाम से जाना जाता है। इन्होंने पिछले साल सना पर कब्जा कर लिया था।
हाल के महीनों में सना में मौजूद कई चरमपंथी गुटों के बीच तनाव बढ़ा है। इन गुटों में अल क़ायदा से जुड़े वे लोग भी शामिल हैं जो देश के दक्षिणी और उत्तरी हिस्से में सक्रिय हैं।