'15 दिनों में 1,000 से ज्यादा की मौत'
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संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इराक में 5 जून से 22 जून के बीच 1,000 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं, जिनमें से ज़्यादातर आम नागरिक हैं।
इराक़ से संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार दल की रिपोर्ट के अनुसार पांच से 22 जून के बीच कम से कम 757 लोग निनेवेह, दियाला और सलाहुद्दीन प्रांत में मारे गए हैं।
इसमें यह भी कहा गया है कि इसी वक्त कम से कम 318 लोग बग़दाद और दक्षिणी इराक़ के इलाकों में मारे गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने जारी किए आंकड़े
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता रूपर्ट कोलविले ने कहा कि इन आंकड़ों को 'न्यूनतम के रूप में ही देखा जाना चाहिए।' उन्होंने कहा कि इनमें नागरिकों, पुलिसकर्मियों और लड़ना छोड़ चुके सैनिकों की हत्याएं शामिल हैं।
इस महीने इस्लामिक स्टेट इन इराक़ एंड अल शाम (आईएसआईएस) के बैनर तले इस्लामी घुसपैठिए देश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में काबिज हो रहे हैं इनमें दूसरा सबसे बड़ा शहर, मोसूल भी शामिल है।
जून में इराक में हुई मौतों पर दाखिल अपनी रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र ने उन 15 शिया नागरिकों का हवाला दिया है जिनका सलाहुद्दीन प्रांत में उनके गांव पीरवाजिलि से अपहरण किया गया और फिर उनकी हत्या कर दी गई।
'अपहरण और हत्या'
इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि दजला नदी के किनारे पर 45 अनजान शव मिले थे।
इसके अलावा इराक़ में मौजूद संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार अधिकारी ने पुष्टि की है कि मोसूल में आईएसआईएस के लड़ाकों के हमले के बाद निनेवेह ऑपरेशन कमांड हेडक्वार्टर से वापस लौटते हुए इराक़ी सुरक्षा बलों ने कई लोगों को मार डाला है।
इस मामले में हिरासत में रखे गए लोगों के कमरों में ग्रेनेड फेंके गए जिससे कम से कम 10 की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए।