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अब आईएस से लोहा लेगी नई इराकी सरकार
Updated Tue, 09 Sep 2014 08:14 AM IST
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हफ़्तों के राजनैतिक गतिरोध के बाद इराक़ी संसद ने प्रधानमंत्री हैदर अल-आबदी के नेतृत्व में एक नई सरकार को मंजूरी दे दी है।
नई सरकार को इस्लामिक स्टेट चरमपंथियों के ख़िलाफ लड़ाई के लिए अहम माना जा रहा है। इराक़ के लगभग एक तिहाई इलाके पर आईएस का कब्जा है।
सरकार में सुन्नी और कुर्दी उप-प्रधानमंत्री नियुक्त किए गए हैं और अल आबदी ने कहा है कि वे रक्षा और गृह मंत्रियों के नामों का ऐलान एक हफ्ते में कर देंगे।
सत्ता में भागीदारी के एक समझौते के तहत बाकी मंत्रालयों को बहुसंख्यक शिया समुदाय, सुन्नी और कुर्द समुदायों के बीच बांट दिया गया है।
पूर्व प्रधानमंत्री क्लिक करें नूरी अल-मलिकी के इस्तीफे के बाद उदारवादी शिया नेता हैदर अल-आबदी को सरकार बनाने के लिए कहा गया था।
अल-मलिकी को जबरन इस साल अगस्त में इस्तीफा देना पड़ा था। सुन्नी अरब और कुर्दी समुदायों ने उनकी सरकार पर सांप्रदायिक नीतियों का समर्थन करने का आरोप लगाया था।
अमरीका ने नई सरकार को इराक के लिए एक “अहम मील का पत्थर” बताया है।
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नई सरकार को इस्लामिक स्टेट चरमपंथियों के ख़िलाफ लड़ाई के लिए अहम माना जा रहा है। इराक़ के लगभग एक तिहाई इलाके पर आईएस का कब्जा है।
सरकार में सुन्नी और कुर्दी उप-प्रधानमंत्री नियुक्त किए गए हैं और अल आबदी ने कहा है कि वे रक्षा और गृह मंत्रियों के नामों का ऐलान एक हफ्ते में कर देंगे।
सत्ता में भागीदारी के एक समझौते के तहत बाकी मंत्रालयों को बहुसंख्यक शिया समुदाय, सुन्नी और कुर्द समुदायों के बीच बांट दिया गया है।
पूर्व प्रधानमंत्री क्लिक करें नूरी अल-मलिकी के इस्तीफे के बाद उदारवादी शिया नेता हैदर अल-आबदी को सरकार बनाने के लिए कहा गया था।
अल-मलिकी को जबरन इस साल अगस्त में इस्तीफा देना पड़ा था। सुन्नी अरब और कुर्दी समुदायों ने उनकी सरकार पर सांप्रदायिक नीतियों का समर्थन करने का आरोप लगाया था।
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अमरीका ने नई सरकार को इराक के लिए एक “अहम मील का पत्थर” बताया है।