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इराक को 'नहीं चाहिए अरब देशों की मदद'

Thu, 02 Oct 2014 02:53 PM IST
Updated Thu, 02 Oct 2014 02:53 PM IST
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iraq denise to take help from gulf countries

इराक के प्रधानमंत्री हैदर अल अबादी का कहना है कि वह अपने देश में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ हवाई हमलों में अरब देशों के शामिल होने का विरोध करते हैं।

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बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा है कि पश्चिमी देशों की हवाई ताकत ने इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई में अब तक रही कमियों को पूरा किया है।

सऊदी अरब और जॉर्डन समेत कई अरब देश इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के हवाई हमलों में शामिल हैं।

इन देशों के लडाकू विमानों ने सीरिया में हवाई हमले किए हैं। लेकिन इराक में सिर्फ अमरीकी, फ्रांसीसी और ब्रितानी लडाकू विमानों ने ही हवाई हमले किए है।

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फ्रांस ने और विमान भेजे

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फ्रांस ने बुधवार को कहा है कि वह आईएस के विरुद्ध जारी संघर्ष के तीन और लड़ाकू विमान भेजेगा और एक युद्धपोत को खाडी में तैनात करेगा।

फ्रांसीसी सेना के मुताबिक तीन रफाल विमान संयुक्त अरब अमीरात भेजे जाएंगे, जिससे वहां कुल फ्रांसीसी लडाकू विमानों की संख्या नौ हो जाएगी।

बगदाद में बीबीसी से बातचीत में अबादी ने कहा कि इराकी सेना हवाई ताकत की मदद से इस्लामिक स्टेट को हरा देगी।

उन्होंने जोर देकर कहा कि इराक में विदेशी सैन्य बलों की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, "हम इस बात को लेकर बिलकुल स्पष्ट हैं कि हम जमीन पर इराकी सेना के सिवाय किसी और सेना को स्वीकार नहीं करेंगे।"

उन्होंने कहा कि इराकी सेना ने इस्लामिक स्टेट के खतरे को थाम लिया है और बगदाद पर हमले की संभावना को खत्म कर दिया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनके देश की सेना कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

उन्होंने ब्रिटेन से सेना को प्रशिक्षण, तकनीक और खुफिया जानकारियां देने के लिए सहयोग भी मांगा है। अबादी ने बताया कि प्रधानमंत्री डेविड कैमरन सहयोग के लिए राजी हो गए हैं।

अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय ध्रुवीकरण से बना आईएस

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उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय ध्रुवीकरण के कारण इस्लामिक स्टेट का उदय हुआ है। इस्लामिक स्टेट ने इराक और सीरिया के अपने कब्जे वाले इलाके में इस्लामी खिलाफत घोषित कर दी है।

अबादी ने यह भी कहा कि वह अपने पडोसी देशों से बेहतर रिश्ते स्थापित करना चाहते हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी के इस्तीफे के बाद हैदर अल अबादी ने सितंबर में एकजुटता वाली सरकार का गठन किया था। मलिकी पर सुन्नियों और कुर्दों के खिलाफ नस्लीय मतभेद और हिंसा के आरोप लगे थे।

अमरीका और सहयोगी देशों ने अगस्त में इराक में इस्लामिक स्टेट के ठिकानों पर हवाई हमले शुरू किए थे। 22 सितंबर से सीरिया में भी हवाई हमले किए जा रहे हैं।

सऊदी अरब, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कतर सीरिया में जारी हवाई हमलों में सहयोग कर रहे हैं।

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