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ईरान ने बनाया नया लड़ाकू विमान, लांचिंग पर राष्ट्रपति बोले- अमेरिका को हमसे युद्ध के परिणाम पता हैं
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 22 Aug 2018 11:29 AM IST
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ईरान ने मंगलवार को देश का पहला स्वदेशी लड़ाकू विमान लांच किया है। ईरान ने इस प्लेन का नाम कोसार रखा है। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी डिफेंस शो के दौरान इस नए लड़ाकू विमान पर बैठे थे। उन्होंने इस दौरान कहा कि अमेरिका हमसे युद्ध नहीं चाहेगा क्योंकि वह इसके परिणाम भली भांति जानता है।
बता दें कि ईरान की अमेरिका और इजरायल से काफी समय से तनातनी चल रही है। उन्होंने इस दौरान कहा कि पहले भी हमारी सैन्य शक्ति ने अमेरिका को हमला करने से रोक दिया था। उन्होंने कहा कि हमारी तैयारी उन शक्तियों के खिलाफ है जो हमारी जमीन और संसाधनों पर कब्जा करना चाहते हैं। इससे पहले रक्षा मंत्री अमीर हातमी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अमेरिका और इजरायल की ओर से आने वाले खतरों से निपटने के लिए मिसाइल मोर्चे पर खुद को दुरुस्त करेगा।
ईरान ने दावा किया है कि कोसार चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है। जो उन्नत तकनीक से लैस है। बता दें कि यह दो सीट वाला विमान है। यह कई दशक पहले अमेरिकी विमान एफ-5 जैसा है। अमेरिकी निर्मित एफ-4 और एफ-14 विमान के अलावा रूसी फाइटर प्लेन सुखोई भी है।
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मालूम हो की इसी साल मई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी परमाणु डील तोड़ दी थी। 2015 में हुए इस समझौते के मुताबिक ईरान अपने परमाणु संयंत्रों की नियमित जांच के लिए राजी हुआ था, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वहां हथियार नहीं बन रहे हैं। ट्रंप ने इस समझौते को दोषपूण बताया था। साथ ही ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि जो ईरान की मदद करेगा, उस पर भी प्रतिबंध लगेगा। ट्रम्प के इस फैसले का जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस ने विरोध किया था।
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बता दें कि ईरान की अमेरिका और इजरायल से काफी समय से तनातनी चल रही है। उन्होंने इस दौरान कहा कि पहले भी हमारी सैन्य शक्ति ने अमेरिका को हमला करने से रोक दिया था। उन्होंने कहा कि हमारी तैयारी उन शक्तियों के खिलाफ है जो हमारी जमीन और संसाधनों पर कब्जा करना चाहते हैं। इससे पहले रक्षा मंत्री अमीर हातमी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अमेरिका और इजरायल की ओर से आने वाले खतरों से निपटने के लिए मिसाइल मोर्चे पर खुद को दुरुस्त करेगा।
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ईरान ने दावा किया है कि कोसार चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है। जो उन्नत तकनीक से लैस है। बता दें कि यह दो सीट वाला विमान है। यह कई दशक पहले अमेरिकी विमान एफ-5 जैसा है। अमेरिकी निर्मित एफ-4 और एफ-14 विमान के अलावा रूसी फाइटर प्लेन सुखोई भी है।
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मालूम हो की इसी साल मई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी परमाणु डील तोड़ दी थी। 2015 में हुए इस समझौते के मुताबिक ईरान अपने परमाणु संयंत्रों की नियमित जांच के लिए राजी हुआ था, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वहां हथियार नहीं बन रहे हैं। ट्रंप ने इस समझौते को दोषपूण बताया था। साथ ही ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि जो ईरान की मदद करेगा, उस पर भी प्रतिबंध लगेगा। ट्रम्प के इस फैसले का जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस ने विरोध किया था।