इंडोनेशिया में संसदीय चुनाव, मुख्य विपक्षी पार्टी को बढ़त
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भारत की तरह ही इंडोनेशिया में भी संसदीय चुनाव चल रहे हैं। जहां इस बार मुख्य विपक्षी पार्टी को बढ़त मिलने की उम्मीद है।
मुख्य विपक्षी दल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ स्ट्रगल (पीडीआई-पी) को ये बढ़त मिल रही है। हालांकि शुरुआती चुनाव परिणामों से लगता है कि पीडीआई-पी के प्रमुख उम्मीदवारों को राष्ट्रपति पद तक पहुंचने के लिए ख़ासी मशक्कत करनी पड़ेगी। गैर सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पार्टी को करीब 19-20 प्रतिशत वोट मिले हैं।
अभी यह साफ नहीं हो सका है कि क्या पार्टी जकार्ता के गवर्नर जोको विडोडो को राष्ट्रपति पद में शामिल होने के लिए ज़रूरी 25 प्रतिशत वोट पा सकेगी या नहीं। चुनाव परिणामों की आधिकारिक घोषणा मई में की जाएगी। इंडोनेशिया में बुधवार को हुए चुनावों में करीब 19,000 सीटों के लिए मतदान हुआ था। इसमें राष्ट्रीय संसद की 560 सीटें शामिल हैं।
गठबंधन सरकार बनने की उम्मीद
गैर सरकारी आंकड़ों के मुताबिक विपक्षी गोल्कर पार्टी दूसरे स्थान पर रही है और तीसरा स्थान ग्रेट इंडोनेशिया मूवमेंट पार्टी का है। हालांकि सत्तारूढ़ दल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडोनेशिया के अध्यक्ष सुसीलो बामबंग युधुयोनो का समर्थन घटकर आधा रह गया है। वह तीसरी बार राष्ट्रपति नहीं बन सकते हैं।
जकार्ता के गवर्नर जोको विडोडो का कहना है कि वह गठबंधन के लिए तैयार हैं। दूसरी ओर युधुयोनो ने संवाददाताओं को बताया कि वह शुरुआती चुनाव परिणामों का समर्थन करते हैं। उन्होंने समाचार एजेंसी एपी को बताया, "आइए चुनाव परिणामों का सम्मान करें और नए राष्ट्रीय नेतृत्व को स्वीकार करने के लिए तैयार हों, जो राष्ट्र को बेहतरी की ओर ले जाएगा।"
इस्लामी पार्टियों के पक्ष में भी नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं और उन्होंने मिलकर एक तिहाई वोट हासिल किए हैं। ज़्यादातर लोग जकार्ता के गवर्नर जोको विडोडो को इंडोनेशिया के अगले राष्ट्रपति के रूप में देख रहे हैं। जोको विडोडो ने कहा, "पीडीआई-पी के लिए अकेले काम करना संभव नहीं है। हम समान मंच वाले लोगों के साथ सहयोग करेंगे।"