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जापान में अब आ गई भारतीय 'सब्जी की सुनामी'
इंदु पांडेय/बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
Updated Thu, 17 Mar 2016 02:05 PM IST
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भारतीय 'सब्जी की सुनामी'
- फोटो : BBC
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भूकंप अपने साथ तबाही लाता है लेकिन क्या कभी सोचा है कि इस अंधेरे में भी कभी रोशनी की किरण नजर आती है। ऐसा ही हुआ 2011 में जब जापान में भूकंप आया था। एक सब्ज़ी जो भारतीय मसालों से बनती है आज वह जापान और जापान के बाहर लोकप्रिय हो रही है। इसका नाम है- ओनागावा करे। 2011 में जापान के पूर्वोत्तर क्षेत्र में भारी भूकंप और सुनामी आई थी। 11 मार्च को उस तबाही के पांच साल पूरे हुए लेकिन आज भी उस समय को जापानी भूले नहीं हैं।
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आलोक अवस्थी के साथ जापानी बच्चा जो रोज़ अपनी मां को ढूंढने आता था। जापान के मियागी ज़िले में ओनागावा शहर का सुनामी के हमले से काफ़ी नुक़सान हुआ था, लेकिन यही शहर उसके बाद नई पहचान के साथ सामने आया और उसका भारत से एक कनेक्शन है। आपदा के बाद भारत सरकार ने एनडीआरएफ़ के 46 जवानों को ओनागावा शहर भेजा। उन्होंने 6 अप्रैल तक वहाँ के नागरिकों की मदद की।
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उसी बल के कमांडेंट आलोक अवस्थी बताते हैं कि जापान के मीडिया में ख़बर आई कि भारत से आए सैनिक भारत का मसालेदार खाना खाकर ओनागावा शहर की सेवा कर रहे हैं। आलोक अपने साथ भारत से तैयार खाना ले गए थे। कमांडेट आलोक अवस्थी के मुताबिक़ ओनागावा शहर के बारे में प्रसिद्ध है कि सर्दी के मौसम में ओनागावा के नागरिकों को गरम खाना मिलना बहुत मुश्किल हो रहा था। कभी-कभी वह अपना खाना वहां के लोगों को खिलाया करते थे, जिसे खाकर लोगों को गर्मी का अहसास होता था।
एनडीआरएफ़ टीम अपना काम ख़त्म करके भारत लौट आई, पर पीछे रह गया एक भारतीय सब्ज़ी का स्वाद। भारत मेहता जापान के कामाकुरा शहर में अपने गुजराती मूल के पिता और जापानी माँ के साथ भारतीय मसालों का कारोबार करते हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय मसालों और जापान में मिलने वाली सब्ज़ी, जिसमें मछली भी होती है, इसे मिलाकर एक सब्ज़ी बनाई जाती है और ओनागावा शहर के लोग उसे चावल के साथ खाते हैं।
तभी से यह ओनागावा करे के नाम से प्रसिद्ध है। जापानी भाषा में करी को करे कहते हैं। इस सब्जी में हल्दी, अदरक, धनिया, मिर्च और दूसरे मसालों के साथ मसूर की दाल भी डाली जाती है। भारत मेहता बताते हैं कि उन्होंने पूरे प्रोजेक्ट को नाम दिया ‘दिल से ओनागावा’। जापान की रहने वाली किकुची हिंदी भाषा की जानकार हैं और भारत के दिल्ली शहर में रहती हैं।
उनका कहना है, "अब शहर ओनागावा में इस करी को बनाया-बेचा जाता है। अब यह वहां की ख़ासियत बन गई है।" इसी के कारण वहां कई लोगों को रोज़गार मिला। साथ ही, लगभग एक दर्ज़न से अधिक रेस्तरां में यह ओनागावा करे बेची जाती है। भारत मेहता बताते हैं, "आज पाँच साल बाद भी ओनागावा शहर में कई समस्याएं हैं, लेकिन इन सबके बीच ओनागावा करे को मैं जापान में प्रसिद्ध करना चाहता हूँ।" वे बताते हैं कि अब वो फ़ूड एक्सपो में इस सब्ज़ी का ज़िक्र ज़रूर करते हैं।