एवरेस्ट फतह करने निकले भारतीय की मौत
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दुनिया की सबसे उंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई कर उसे फतह करने का सपना लिए हुए निकले एक भारतीय पर्वतारोही की मौत हो गई है। नेपाल के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा है कि दो और भारतीय पर्वतारोही लापता हैं। इससे पहले दो अन्य पर्वतारोहियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
शुक्रवार को चोटी पर पहुंचने के बाद एक डच पर्वतारोही एरिक एरी अर्नाल्ड की मौत हो गई, जबकि शनिवार को 34 साल की ऑस्ट्रेलियाई महिला मारिया सट्रिडॉम की मौत चोटी से नीचे उतरने के दौरान हुई। इस सत्र में ये शुरुआती मौतें हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, भारत के दो पर्वतारोही चोटी के करीब स्थित 'डेथ जोन' कहे जाने वाले इलाके के पास लापता हुए हैं।
वहीं कई खतरों के बाद भी इसकी चढ़ाई करने वाली सबसे सफल महिला पर्वतारोही शुक्रवार को सातवीं बार चोटी पर पहुंचने में कामयाब रही हैं। एवरेस्ट पर चढ़ाई का यह मौसम नेपाल में पिछले साल आए भूकंप के बाद पहला सीजन है। उस भूकंप में एवरेस्ट पर मौजूद कम से कम 18 लोग मारे गए थे।
अच्छे मौसम की वजह से, नेपाल की तरफ से 11 मई के बाद इस चोटी पर 400 लोग पहुंच चुके हैं। लेकिन पिछले सप्ताह हुई मौतों और लोगों के लापता होने की घटना ने दुनिया की इस सबसे ऊंची चोटी के खतरों की तरफ लोगों का ध्यान खींचा है।
एवरेस्ट बेस कैंप में मौजूद नेपाली अधिकारी ज्ञानेन्द्र श्रेष्ठ के मुताबिक आँखों को अंधा करने वाली बर्फ की चमक, ऊँचाई पर होने वाली बीमारियाँ और थकान, ऐसे इलाकों में सेहत से जुडी सामान्य परेशानी है। हालाँकि उनके मुताबिक, ज्यादातर लोग पहाड़ से उतरने के दौरान ठीक होने लगते हैं, लेकिन इस दौरान मौतें होना अस्वाभाविक नहीं है।