भारत ने रोका लापता विमान खोजी अभियान
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भारत ने मलेशिया सरकार के अनुरोध पर रविवार को मलेशिया एयरलाइंस के लापता विमान को खोजने का अभियान रोक दिया है। मलेशिया सरकार पिछले एक सप्ताह से चल रहे खोजी अभियान की समीक्षा करना चाहती है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने भारतीय रक्षा अधिकारियों के हवाले से कहा कि भारत अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के आसपास और बंगाल की खाड़ी में विमान की खोज कर रहा था लेकिन दोनों स्थानों पर अभियान को रोक दिया गया है।
भारतीय नौसेना के पूर्वी कमान के प्रवक्ता कमांडर बाबू ने कहा, "ऐसा कुछ समय के लिए किया गया है। मलेशिया की सरकार स्थिति की समीक्षा कर रही है। यह देखना होगा कि क्या वह खोज के इलाक़े को बदलना चाहते हैं।" भारतीय अधिकारियों ने बताया कि रविवार को कुआलालंपुर में होने वाली एक बैठक में खोजी अभियान की समीक्षा की जाएगी जिसमें एक दर्जन के अधिक देश हिस्सा लेंगे।
अंडमान एवं निकोबार द्वीप की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में मौजूद एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा, "खोजी अभियान अभी पूरा नहीं हुआ है। हम पूरी तरह तैयार हैं और मलेशिया से निर्देश का इंतज़ार कर रहे हैं।" इस बीच समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक़ जाँच की दिशा लापता विमान के पायलटों पर केन्द्रित हो गई है।
असमंजस में बरकरार
मलेशिया के प्रधानमंत्री नाजिब रज़ाक ने शनिवार को आशंका जताई थी कि किसी जानकार आदमी विमान का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया था और इसे नियोजित मार्ग से दूर ले गया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि जिस किसी ने भी विमान की संचार व्यवस्था को ठप किया और फिर विमान को उड़ाया, उसे उच्च तकनीकी ज्ञान और उड़ान में दक्षता हासिल थी। विशेषज्ञों ने इस बात की भी आशंका जताई है कि एक पायलट कुछ कारणों से विमान की दिशा मोड़ना चाहता था। संभव है कि वह आत्महत्या करना चाहता था। साथ ही अपहरण की भी संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
ऐसी भी ख़बरें हैं कि शनिवार को पुलिस ने कुआलालंपुर में लापता विमान के पायलट ज़हारी अहमद शाह और सह पायलट फ़ारिक़ अब्दुल हामिद के घर जाकर तहक़ीक़ात की। हालांकि ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।