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अफगानिस्तान को भारत की पहली मदद पहुंची चाबहार, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Thu, 02 Nov 2017 02:56 AM IST
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wheat consignment
- फोटो : FILE PHOTO
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चाबहार बंदरगाह के रास्ते अफगानिस्तान को सहायता के रूप में भेजी गई गेहूं की पहली किस्त बुधवार को चाबहार पहुंच गई। विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ट्वीट कर बताया कि पहली सहायता पहुंचने के इस महत्वपूर्ण अवसर का चाबहार बंदरगाह पर जश्न मनाकर स्वागत किया गया। इस मौके पर वहां भारत, ईरान और अफगानिस्तान के गणमान्य सदस्य मौजूद थे।
कुमार ने आगे लिखा कि अफगानिस्तान को सहायता के रूप में भेजी गई गेहूं की पहली किस्त बुधवार को चाबहार बंदरगाह पहुंच गई। इसे विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और अफगान विदेश मंत्री रब्बानी ने रवाना किया था।
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चाबहार बंदरगाह ऊर्जा-समृद्ध फारसी खाड़ी देशों के दक्षिणी तट पर सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में स्थित है। इसके फारसी खाड़ी के बाहर स्थित होने के कारण आसानी से भारत के पश्चिमी तट से पहुंचा जा सकता है वह पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए।
यह बंदरगाह भारत, अफगानिस्तान और ईरान के बीच व्यापार को बढ़ावा देगा क्योंकि दोनों देशों तक पहुंचने के लिए पाकिस्तान ने रास्ता देने से इनकार कर दिया था।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ट्वीट कर बताया कि पहली सहायता पहुंचने के इस महत्वपूर्ण अवसर का चाबहार बंदरगाह पर जश्न मनाकर स्वागत किया गया। इस मौके पर वहां भारत, ईरान और अफगानिस्तान के गणमान्य सदस्य मौजूद थे।
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कुमार ने आगे लिखा कि अफगानिस्तान को सहायता के रूप में भेजी गई गेहूं की पहली किस्त बुधवार को चाबहार बंदरगाह पहुंच गई। इसे विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और अफगान विदेश मंत्री रब्बानी ने रवाना किया था।
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चाबहार बंदरगाह ऊर्जा-समृद्ध फारसी खाड़ी देशों के दक्षिणी तट पर सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में स्थित है। इसके फारसी खाड़ी के बाहर स्थित होने के कारण आसानी से भारत के पश्चिमी तट से पहुंचा जा सकता है वह पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए।
यह बंदरगाह भारत, अफगानिस्तान और ईरान के बीच व्यापार को बढ़ावा देगा क्योंकि दोनों देशों तक पहुंचने के लिए पाकिस्तान ने रास्ता देने से इनकार कर दिया था।