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सुषमा स्वराज बोलीं- रोहिंग्याओं की सुरक्षित, जल्द और स्थायी वापसी को तैयार भारत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नेपीता
Updated Fri, 11 May 2018 08:34 PM IST
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sushma swaraj
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लाखों रोहिंग्याओं की सुरक्षित, जल्द और स्थायी वापसी के लिए भारत तैयार है। अपनी म्यांमार यात्रा के दूसरे और आखिरी दिन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यह बात कही। उन्होंने म्यांमार की सर्वोच्च नेता आंग सान सु की सहित कई अन्य उच्च नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों ने सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
रखाइन राज्य से संबंधित मुद्दे पर विदेश मंत्री ने म्यांमार की स्टेट काउंसिलर सु की सहित उच्च नेताओं से चर्चा की।
रखाइन राज्य में अगस्त 2016 में उस वक्त हिंसा भड़क गई थी जब कथित रोहिंग्या मुस्लिम आतंकियों पर सेना ने दमनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी थी। इसकी वजह से लाखों रोहिंग्या मुस्लिमों को अपना घर छोड़कर बांग्लादेश भागना पड़ा था। सैन्य कार्रवाई के बाद करीब सात लाख रोहिंग्या मुस्लिम बांग्लादेश में शरण लेने को मजबूर हुए थे। वहीं इसकी वजह से पड़ोसी देश बांग्लादेश में गंभीर संकट पैदा हो गया।
स्वराज अपने दो दिवसीय दौरे पर बृहस्पतिवार को म्यांमार पहुंची थीं। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि स्वराज ने रखाइन राज्य से जुड़े मुद्दों के संबंध में म्यांमार सरकार की सहायता के लिए भारत की प्रतिबद्धता को भी दोहराया है।
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सु की से मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर भी चर्चा की। स्वराज ने म्यांमार के सशस्त्र बल के कमांडर इन चीफ जनरल मिन आंग ह्वेंग से भी मुलाकात की। दोनों देशों ने सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए जिनमें से एक समझौता भूमि सीमा पार करने को लेकर है।
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रखाइन राज्य से संबंधित मुद्दे पर विदेश मंत्री ने म्यांमार की स्टेट काउंसिलर सु की सहित उच्च नेताओं से चर्चा की।
रखाइन राज्य में अगस्त 2016 में उस वक्त हिंसा भड़क गई थी जब कथित रोहिंग्या मुस्लिम आतंकियों पर सेना ने दमनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी थी। इसकी वजह से लाखों रोहिंग्या मुस्लिमों को अपना घर छोड़कर बांग्लादेश भागना पड़ा था। सैन्य कार्रवाई के बाद करीब सात लाख रोहिंग्या मुस्लिम बांग्लादेश में शरण लेने को मजबूर हुए थे। वहीं इसकी वजह से पड़ोसी देश बांग्लादेश में गंभीर संकट पैदा हो गया।
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स्वराज अपने दो दिवसीय दौरे पर बृहस्पतिवार को म्यांमार पहुंची थीं। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि स्वराज ने रखाइन राज्य से जुड़े मुद्दों के संबंध में म्यांमार सरकार की सहायता के लिए भारत की प्रतिबद्धता को भी दोहराया है।
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सु की से मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर भी चर्चा की। स्वराज ने म्यांमार के सशस्त्र बल के कमांडर इन चीफ जनरल मिन आंग ह्वेंग से भी मुलाकात की। दोनों देशों ने सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए जिनमें से एक समझौता भूमि सीमा पार करने को लेकर है।