{"_id":"5717fbc14f1c1bb8628b4d88","slug":"india-and-china-agreed-to-resolve-the-border-dispute","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीमा विवाद सुलझाने के लिए भारत-चीन हुए राजी ","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"अन्य देश","slug":"rest-of-world"}}
सीमा विवाद सुलझाने के लिए भारत-चीन हुए राजी
एजेंसी/ बीजिंग
Updated Thu, 21 Apr 2016 03:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत और चीन सीमा से जुड़े विवादास्पद मुद्दों को सुलझाने के लिए ‘शांतिपूर्ण बातचीत’ के लिए तैयार हो गए हैं। दोनों देश सीमा विवाद को सुलझाने के लिए ‘निष्पक्ष, उचित और एक दूसरे को मंजूर हल’ निकालने के लिए राजी हैं।
विज्ञापन
यूएन की ओर से जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को प्रतिबंधित करवाने की भारत की कोशिश पर चीनी रोक को देखते हुए दोनों देशों के बीच इस रजामंदी को काफी अहम माना जा रहा है।
विज्ञापन
दोनों देश के बीच शांतिपूर्ण ढंग से सीमा विवाद को सुलझाने का फैसला इस संबंध में बुधवार को हुई 19वें दौर की बैठक में किया गया। बैठक में भारतीय पक्ष का नेतृत्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने किया, जबकि चीन का नेतृत्व उनके समकक्ष यांग जिची ने किया।
विज्ञापन
दोनों के बीच 3488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर काफी विस्तार और गहराई से बातचीत हुई। दोनों ओर से इस मुद्दे पर साफ बातचीत हुई। चीनी विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि डोभाल और जिची की बातचीत में सीमा विवाद सुलझाने के लिए शांतिपूर्ण बातचीत का तरीका अपनाने पर रजामंदी हुई।
डोभाल और जिची के पास सीमा मुद्दे के अलावा सभी विवादस्पद द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत का अधिकार है। इससे पहले जिची ने डोभाल का स्वागत करते हुए कहा कि उनका दौरा इस बैठक के प्रति भारत की गंभीरता और दोनों देशों के बीच रणनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने की भारत की कोशिश का सबूत है।