नागासाकी से 5 गुना अधिक ताकतवर है नॉर्थ कोरिया का हाईड्रोजन बम
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उत्तर कोरिया ने रविवार को हाईड्रोजन बम का सफल परीक्षण करने का ऐलान किया है। उत्तर कोरिया ने दावा किया है कि इस हाइड्रोजन बम को मिसाइल पर लोड किया जा सकता है। दक्षिण कोरिया की सरकारी समाचार सेवा योनहैप के मुताबिक उत्तर कोरिया ने रविवार को जिस परमाणु बम का परीक्षण किया है वो जापान के नागासाकी शहर पर 1945 में गिराए गए बम से चार-पांच गुना ज्यादा शक्तिशाली है।
पांचवें परमाणु परीक्षण से बहुत ज्यादा शक्तिशाली
दक्षिण कोरिया की रक्षा मामलों की संसदीय समिति के प्रमुख किम यंग वू ने सेना के सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि रविवार को किया गया परीक्षण बीते साल किए गए पांचवें परमाणु परीक्षण से बहुत ज्यादा शक्तिशाली है।
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सितंबर 2016 में किए गए परीक्षण से दस किलोटन ऊर्जा उत्पन्न हुई थी। एक किलोटन एक हजार टन टीएनटी के बराबर होता है। किम यंग वू ने बताया, "उत्तर कोरिया के परीक्षण से लगभग सौ किलोटन ऊर्जा उत्पन्न हुई है, हालांकि ये शुरुआती रिपोर्ट है।"
जापान में भी महसूस किए गए भूकंप के झटके
उत्तर कोरिया इससे पहले 2006, 2009, 2013 और 2016 में परमाणु बमों का परीक्षण कर चुका है। रविवार को हुआ धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसका कंपन रूस के पूर्वी शहर व्लादिवोस्टक तक महसूस किया गया। वहीं जापान के मौसम विभाग के मुताबिक भूकंप के कंपन को जापान में भी महसूस किया गया।
पिछले परीक्षण की तुलना में दस गुना ज्यादा शक्तिशाली भूकंप
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने जापान की मेट्रोलॉजिकल एजेंसी के हवाले से बताया है कि रविवार के परीक्षण से आया भूकंप पिछले परीक्षण के मुताबिक दस गुना ज्यादा शक्तिशाली था। रक्षा विशेषज्ञ मैलीसा हेनहैम के मुताबिक अमरीकी भूगर्भ विज्ञान केंद्र ने शुरुआत में भूकंप की तीव्रता 5.6 बताई थी जिसे बाद में बढ़ाकर 6.3 कर दिया गया था।
उत्तर कोरिया का अब तक का सबसे शक्तिशाली परीक्षण
मैलीसा कहती हैं कि यदि यह सटीक है तो ये धमाका उत्तर कोरिया का अब तक का सबसे शक्तिशाली परीक्षण है। रक्षा विशेषज्ञ ब्रूस बेनेट 6.3 तीव्रता के भूकंप का मतलब है कि उत्तर कोरिया ने बेहद शक्तिशाली हथियार का परीक्षण किया है।
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जापान के विदेशमंत्री टारो कोनो ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद कहा कि हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि ये परमाणु परीक्षण था। जापान ने परमाणु विकरण का पता लगाना के लिए तीन सैन्य विमानों को परीक्षण केंद्र के ऊपर के हवाई इलाके में भी भेजा है।