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आखिर कितनी ताकतवर है चीनी सेना?

Wed, 17 Apr 2013 10:23 AM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Wed, 17 Apr 2013 10:23 AM IST
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how much chinese army is powerful

दुनिया भर में चीन को एक मज़बूत सैन्य ताकत के तौर पर देखा जाता है। लेकिन चीन की सैन्य ताकत के बारे में अब तक कोई जानकारी बाहरी दुनिया को नहीं मिली थी।

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लेकिन चीन ने अपने सैन्य ताकत के बारे में दुनिया को पहली बार कुछ बताया है। रक्षा मामलों के श्वेत पत्र के जरिए चीन ने बताया है कि उसके थल सेना में कुल आठ लाख पचास हजार अधिकारी तैनात हैं।
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चीन की नौ सेना में दो लाख पैंतीस हजार सैनिक तैनात हैं। जबकि वायु सेना में तीन लाख अठानवे हजार सैनिक कार्यरत हैं।

रक्षा मामलों के इस श्वेत पत्र में एशियाई पैसिफिक क्षेत्र में अमरीकी सैना की बढ़ती मौजूदगी से तनाव बढ़ने को लेकर चिंता भी जताई गई है।

अरबों डॉलर का सैन्य बजट
2012 में चीन का रक्षा बजट करीब 11.2 फ़ीसदी बढ़ा है और एक सौ अरब डॉलर के पार पहुंच गया है।

सेना के श्वेत पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि चीन शांतिपूर्ण विकास की अपनी राष्ट्रीय प्रतिबद्धता पर पर कायम है। चीनी की सरकारी मीडिया इस श्वेत पत्र को आठवां श्वेत पत्र बता रही है।
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इस श्वेत पत्र में उन ख़तरों के बारे में भी आगाह किया गया है जिसका सामना चीन कर रहा है। इसके साथ ही इस बात पर भी जोर दिया गया है कि चीन को अपनी राष्ट्रीय एकता, अखंडता और विकास की रक्षा करने की जरूरत है।


इस श्वेत पत्र ने चीन की सैन्य ताकत के बारे में विस्तार से बताया है। चीन की सरकारी समाचार एजंसी शिन्हुआ के मुताबिक पहली बार ऐसी जानकारी सार्वजनिक हुई है।

सात कमांड वाली सेना
बताया जा रहा है कि यह उन कोशिशों का नतीजा है जिसके जरिए चीनी सेना को कहीं ज़्यादा पारदर्शी बनाया जा रहा है।

चीन की थल सेना सात मिलिट्री कमांड में बंटी हुई है- बीजिंग, नानजिंग, चेंगदू, ग्वांहो, शेंगयांग, लानज्हो और जिनान।

वायु सेना में तीन लाख अठानवे हजार सैनिक कार्यरत हैं और वायु सेना को भी इन्हीं सात कमांड में बांटा गया है।

जबकि चीन की नौ सेना को तीन बेड़ों में बांटा गया है- बेहाई बेड़ा, डॉंगहाई बेड़ा, और नन्हाई बेड़ा।

अमेरिका पर आरोप
इस श्वेत पत्र में चीन के दूसरे स्तर की सेना का भी जिक्र है जो चीन की परमाणु और परंपरागत मिसाइलों को संभालती है।

श्वेत पत्र में कहा गया है, “चीन की परमाणु और मिसाइल संभालने वाली सेना उन देशों के लिए है जो चीन के ख़िलाफ़ परमाणु हथियार का इस्तेमाल कर सकते हैं।”

इस श्वेत पत्र में एशियाई क्षेत्र में अमेरिका की बढ़ती सैन्य उपस्थिति पर भी चिंता बताई गई है।

इसमें कहा गया है, “एशिया पैसेफिक क्षेत्र में अमेरिका अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव ला रहा है।”

इसके बाद इसी श्वेत पत्र में कहा गया है, “एशिया पैसेफिक क्षेत्र में कुछ देश अपनी सैन्य ताकत को मज़बूत कर रहे हैं और इससे क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है।”

श्वेत पत्र में ताइवान की स्वतंत्रता समर्थक 'चरमपंथी ताकतों' को बड़ा ख़तरा बताया गया है।

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