{"_id":"5b0503524f1c1b1b5e8b67d8","slug":"hindus-massacred-by-rohingya-militants-in-myanmar-says-amnesty-report","type":"story","status":"publish","title_hn":"म्यांमार में रोहिंग्या आतंकवादियों ने 99 हिंदुओं का नरसंहार किया: एमनेस्टी","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"अन्य देश","slug":"rest-of-world"}}
म्यांमार में रोहिंग्या आतंकवादियों ने 99 हिंदुओं का नरसंहार किया: एमनेस्टी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 23 May 2018 12:31 PM IST
विज्ञापन
एमनेस्टी का कहना है कि मारे गए हिंदुओं में कई बच्चे शामिल थे
- फोटो : BBC
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
म्यांमार के रखाइन प्रांत में पिछले साल हुए विद्रोह के दौरान रोहिंग्या आतंकवादियों ने हिंदू ग्रामीणों का नरसंहार किया था, एमनेस्टी इंटरनेशनल ने आज एक रिपोर्ट में यह बात कही है जिससे इस इलाके में जारी जटिल जातीय संघर्ष पर नई जानकारी सामने आई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह हत्याएं 25 अगस्त, 2017 को हुई थी। उसी दिन रोहिंग्या विद्रोहियों ने पुलिस नाकों पर जानलेवा हमला किया था जिससे देश में संकट फैल गया।
म्यांमार की सेना ने इन विद्रोही छापे पर जवाबी कार्रवाई में निष्ठुर प्रतिहिंसा की। जिसके बाद करीब 7,00,000 रोहिंग्या मुसलमानों को बौद्ध बहुल देश से पलायन करना पड़ा, जहां उन्हें सालों से उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था।
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि सेना की कार्रवाई से रोहिंग्या के "जातीय सफाया" हुआ। इसमें सैनिकों और हिंसक भीड़ पर नागरिकों की हत्या और गांवों को जलाने का आरोप लगा था।
लेकिन रोहिंग्या आतंकवादियों पर भी उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। इनमें रखाइन के बहुत दूर उत्तर में हिंदुओं की सामूहिक हत्या शामिल है, जहां सितंबर के महीने में सेना एएफपी समेत संवाददाताओं को ले गई थी कि वे कब्र से सड़ गई लाशों को निकालने की कार्रवाई को देख सकें।
अराकान रोहिंग्या सैल्वेशन आर्मी (एआरएसए) के नाम से जाना जाने वाले आतंकवादियों ने उस समय इन हत्याओं की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था।
लेकिन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने आज कहा कि एक नई जांच ने पुष्टि की है कि इस समूह ने उत्तरी माउंगदा में खा मंग सेक गांवों में 99 हिंदुओं को मार डाला था जिनमें ज्यादातर बच्चे शामिल थे।
विज्ञापन
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह हत्याएं 25 अगस्त, 2017 को हुई थी। उसी दिन रोहिंग्या विद्रोहियों ने पुलिस नाकों पर जानलेवा हमला किया था जिससे देश में संकट फैल गया।
विज्ञापन
म्यांमार की सेना ने इन विद्रोही छापे पर जवाबी कार्रवाई में निष्ठुर प्रतिहिंसा की। जिसके बाद करीब 7,00,000 रोहिंग्या मुसलमानों को बौद्ध बहुल देश से पलायन करना पड़ा, जहां उन्हें सालों से उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था।
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि सेना की कार्रवाई से रोहिंग्या के "जातीय सफाया" हुआ। इसमें सैनिकों और हिंसक भीड़ पर नागरिकों की हत्या और गांवों को जलाने का आरोप लगा था।
लेकिन रोहिंग्या आतंकवादियों पर भी उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। इनमें रखाइन के बहुत दूर उत्तर में हिंदुओं की सामूहिक हत्या शामिल है, जहां सितंबर के महीने में सेना एएफपी समेत संवाददाताओं को ले गई थी कि वे कब्र से सड़ गई लाशों को निकालने की कार्रवाई को देख सकें।
अराकान रोहिंग्या सैल्वेशन आर्मी (एआरएसए) के नाम से जाना जाने वाले आतंकवादियों ने उस समय इन हत्याओं की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था।
लेकिन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने आज कहा कि एक नई जांच ने पुष्टि की है कि इस समूह ने उत्तरी माउंगदा में खा मंग सेक गांवों में 99 हिंदुओं को मार डाला था जिनमें ज्यादातर बच्चे शामिल थे।