फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   Hindus fleeing from Myanmar to save their lives

जान बचाकर म्यांमार से बांग्लादेश भाग रहे हैं हिंदू

Fri, 01 Sep 2017 05:52 PM IST
कादिर कल्लोल, बीबीसी संवाददाता, ढाका
कादिर कल्लोल, बीबीसी संवाददाता, ढाका Updated Fri, 01 Sep 2017 05:52 PM IST
विज्ञापन
 Hindus fleeing from Myanmar to save their lives
Myanmar - फोटो : BBC

म्यांमार के रखाइन प्रांत में जारी हिंसा की वजह से हजारों लोग अपना घर छोड़कर भाग रहे हैं। म्यांमार में अल्पसंख्यक रोहिंग्या मुसलमानों के साथ हिंदू परिवार भी बांग्लादेश सीमा की ओर भागने को मजबूर हैं। 

विज्ञापन


पढ़ें: तस्वीरेंः म्यांमार में हिंसा भड़कने से 18,500 रोहिंग्या मुस्लिम भागकर पहुंच रहे बांग्लादेश
विज्ञापन


बौद्ध बहुल म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों पर कई तरह के प्रतिबंध हैं। यहां कई सालों से रोहिंग्या और बौद्धों के बीच संघर्ष चल रहा है। दसियों हजार रोहिंग्या जान बचाकर बांग्लादेश भाग चुके हैं। रोहिंग्या लोग म्यांमार सरकार पर नस्लीय हिंसा का आरोप लगाते रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


म्यांमार में जारी हिंसा की वजह से 400 से ज्यादा हिंदू भी अपना घर छोड़ चुके हैं। इनमें महिलाओं और बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है। कई लोगों की हत्या की गई है जबकि बहुत से घरों में आग लगा दी गई है।


कॉक्स बाजार में हिंदू बुद्धिस्ट क्रिस्चियन यूनिटी काउंसिल के नेता स्वपन शर्मा ने बताया कि उखिया के कुटुप्लोंग शरणार्थी शिविर से 412 हिंदुओं ने मंदिरों और आसपास की जगहों में शरण ले रखी है। कॉक्स बाजार के जिला प्रशासन ने भी इसकी पुष्टि की है। 

रमा कर्माकर अपने दो बच्चो के साथ रखाइन प्रांत के रिक्ता गांव में रहने आई थी। म्यांमार सेना ने उनके पति समेत गांव के कई लोगों की हत्या कर दी। आरोप है कि सेना ने उनके घरों में आग लगा दी और महिलाओं व बच्चों का उत्पीड़न किया। इस वजह से कई हिंदू परिवार बांग्लादेश की तरफ भागने को मजबूर हो गए।

पढ़ें: म्यांमार: 48 घंटों से जारी हिंसा, जान बचाने के लिए घर छोड़कर भाग रहे रोहिंग्या मुसलमान

रिक्ता गांव के अलावा चिआंगछारी और फकीराबाजार के गांवों में रहने वाले हिंदू भी अपना-अपना घर छोड़कर बांग्लादेश की तरफ भाग रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed