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हैबतुल्ला लड़ाका नहीं, एक धार्मिक शिक्षक
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 26 May 2016 03:33 PM IST
सार
- तालिबान ने बुधवार को हैबतुल्ला अखुंदजादा को अपना नया सरगना घोषित कर दिया है
- तालिबान के रुख में किसी तरह का बदलाव आने की उम्मीद नहीं
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Haibatullah Akhundzada new Taliban chief
- फोटो : AFP
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विस्तार
अमेरिकी हवाई हमले में मुल्ला मंसूर के मारे जाने के बाद तालिबान ने बुधवार को हैबतुल्ला अखुंदजादा को अपना नया सरगना घोषित कर दिया है। हैबतुल्ला धार्मिक शिक्षक होने के साथ ही एक जज के तौर पर काफी सख्त फैसले लेने के लिए भी जाना जाता है। वह पांच साल तक तालिबान सरकार के दौरान जज के तौर पर नियुक्त था।
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हैबतुल्ला अपने पुराने दोनों आकाओं की तरह अफगानिस्तान के दक्षिण प्रांत कांधार का रहने वाला है। हैबतुल्ला को लड़ाई के मैदान में अपनी ताकत दिखाने के लिए नहीं, बल्कि तालिबानी नीतियों को इस्लाम के अनुसार बनाने और लागू करवाने के लिए ज्यादा जाना जाता है। हैबतुल्ला को अंतर्कलह की वजह से बिखर रहे तालिबान को एकजुट करने वाला माना जा रहा है।
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हैबतुल्ला मुल्ला मंसूर का डिप्टी रह चुका है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह अफगानिस्तान सरकार के साथ शांति वार्ता का पक्षधर है या नहीं। फिलहाल विशेषज्ञ मान रहे हैं कि हैबतुल्ला के सरगना बनने से तालिबान के रुख में किसी तरह का बदलाव आने की उम्मीद नहीं है।
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