लकड़ी काटते समय कटा सिर, तो खुद का कटा सिर लेकर पहुंचा अस्पताल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यह किसी साइंस फिक्शन मूवी का सीन नही बल्कि हकीकत है। एक 68 साल के बूढ़े व्यक्ति का चेहरा आरा मशीन से दो भागों में कट गया जिसके बाद उस व्यक्ति ने हिम्मत न हारते हुए खुद ही चेहरे को बांध कर अस्पताल गया। सर्जरी के बाद अस्पताल द्वारा जारी किए गए फोटों में दिख रहा है कि कैसे 68 साल का बिल सिंगलटन मरते-मरते बचा।
घटना आरा मशीन से नियंत्रण खो देने के कारण हुई। घटना मेलबर्ने पश्चिम में बल्लाराट की है। पहली फोटो में दिख रहा है कि सिंगलटन का चेहरा किस तरह से और कहां-कहां से कटा था। उसके चेहरे पर टांके लगे हुए हैं। गर्दन से लेकर मुंह के जबड़े तक कटा हुआ है।
एक्स-रे में दिख रहा है कि मशीन से कटने पर पूरा जबड़ा दो भागों में बंट गया है
हेराल्ड सन के मुताबिक 68 साल के इस व्यक्ति के सिर के एक्स-रे में दिख रहा है कि मशीन से कटने पर बहुत बड़ा छेद हो गया है, दांत को काटते हुए मशीन सिर के ऊपर निकल गई जिससे पूरा चेहरा लगभग दो भागों में हो गया।
मशीन से ध्यान हटने पर हुई यह जानलेवा घटना
सब कुछ याद है सिंगलटन को
चैनल 7 को सिंगलटन ने बताया- मैंने महसूस किया और सुना भी कि कैसे ब्लेड मेरे नीचे के जबड़े को काटते हुए निकल गया। वो कटने के बाद खुद अपनी कार तक चलकर गया और खुद ही चलाकर अस्पताल तक ले गया सिंगलटन ने बताया कि वो एंबुलेंस को फोन नहीं कर सकते थे क्योंकि उसकी जीभ दो भागों में कट चुकी थी।
हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बड़े अस्पताल में एयरलिफ्ट किया गया
एक अखबार को सिंगलटन ने बताया कि मैं आधे रास्ते से भी पीछे था कि मेरी आंखों के सामने अंधेरा छाने लगा, मुझे चक्कर आने लगा। सिंगलटन को गंभीर हालत में देख उन्हें उनके नजदीकी अस्पताल से रॉयल मेलबर्न अस्पताल एयरलिफ्ट किया गया।
ठीक होकर फिर चलाउंगा आरा मशीन
68 साल के सिंगलटन ने बताया कि मैंने अपनी हिम्मत नहीं हारी मैं लगभग मर चुका था लेकिन फिर खुद को हिम्मत दी और अस्पताल पहुंचने के बाद खुद ही गाढ़ी पार्क की। सर्जन प्रोफेसर नास्त्री ने 3एडब्ल्यू मोर्निंग को बताया कि - वो देखने से ऐसा लग रहा था कि उसे किसी ने गोली मारी हो।
जब एक आरा मशीन किसी चाज को पकड़ लेती है तो वो अंदर घुसती चली जाती है। इसका इलाज करना बंदूक की गोली लगे का इलाज करने से भिन्न है। सिंगलटन की हिम्मत की दात देनी होगी, वो रिकवर कर रहे हैं और घर आ गए हैं लेकिन उनका कहना है कि वो भविष्य में आरा मशीन का इस्तेमाल करना जारी रखेंगे।