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पेट्रोल की कीमतों पर जर्मनी के लोगों ने किया था ये काम, सरकार को झुकना पड़ा और रातों-रात कम हुए दाम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 23 May 2018 04:06 PM IST
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जर्मनी
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भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। इससे परेशान लोग सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक विरोध कर रहे हैं। जगह-जगह सरकार की आलोचना हो रही है। भारत में तेल के दाम अब तक के सबसे उच्च स्तर पर हैं। ऐसे ही हालात एक बार जर्मनी में भी पैदा हुए थे। तब जर्मनी के लोगों ने ऐसा कुछ किया था कि वहां की सरकार को रातों-रात पेट्रोल और डीजल के दाम कम करने पड़े थे। बता दें कि पिछले 9 दिन में पेट्रोल 2.24 रुपए और डीजल 2.15 रुपए महंगा हुआ है।
साल 2000 में जर्मनी में भी तेल के दाम आसमान छू रहे थे। लेकिन वहां के लोगों ने सरकार के फैसले का इंतजार नहीं किया। बल्कि ऐसा तरीका निकाला की सरकार को झुकना पड़ा और रातों-रात तेल के दाम कम करने पड़े। जर्मनी के लोगों ने सरकार के विरोध में अपनी गाड़ियां ही सड़कों पर छोड़ दी थीं। यही नहीं वह गाड़ियां छोड़कर अपने काम पर निकल गए।
गावों के लोग भी इस विरोध में में शामिल हुए और राजधानी बर्लिन पहुंचकर अपनी गाड़ियां सड़कों पर छोड़ आए। ऐसे में 5 किमी से भी ज्यादा लंबा जाम लग गया। पूरे शहर में अफरा तफरी मच गई। इस विरोध प्रदर्शन में किसानों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जिससे शहर और शहर के बाहर जाम और सिर्फ गाड़ियां ही दिखाई दे रही थीं। इससे कंपनियों में काम होना भी बंद हो गया।
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इस विरोध प्रदर्शन को देखकर सरकार के पसीने छुट गए। आखिरकार सरकार को तेल के बढ़े दामों को कम करने के लिए टैक्स को वापस लेना पड़ा। और रातों रात जर्मनी में पेट्रोल और डीजल के दाम कम हो गए।
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साल 2000 में जर्मनी में भी तेल के दाम आसमान छू रहे थे। लेकिन वहां के लोगों ने सरकार के फैसले का इंतजार नहीं किया। बल्कि ऐसा तरीका निकाला की सरकार को झुकना पड़ा और रातों-रात तेल के दाम कम करने पड़े। जर्मनी के लोगों ने सरकार के विरोध में अपनी गाड़ियां ही सड़कों पर छोड़ दी थीं। यही नहीं वह गाड़ियां छोड़कर अपने काम पर निकल गए।
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गावों के लोग भी इस विरोध में में शामिल हुए और राजधानी बर्लिन पहुंचकर अपनी गाड़ियां सड़कों पर छोड़ आए। ऐसे में 5 किमी से भी ज्यादा लंबा जाम लग गया। पूरे शहर में अफरा तफरी मच गई। इस विरोध प्रदर्शन में किसानों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जिससे शहर और शहर के बाहर जाम और सिर्फ गाड़ियां ही दिखाई दे रही थीं। इससे कंपनियों में काम होना भी बंद हो गया।
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इस विरोध प्रदर्शन को देखकर सरकार के पसीने छुट गए। आखिरकार सरकार को तेल के बढ़े दामों को कम करने के लिए टैक्स को वापस लेना पड़ा। और रातों रात जर्मनी में पेट्रोल और डीजल के दाम कम हो गए।