फ्रांस: पीएम का इस्तीफ़ा, सरकार भंग
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फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांड ने प्रधानमंत्री मैनिएल वाल्स के इस्तीफे के बाद सरकार को भंग करने की घोषणा की है।
सरकार के दो मंत्रियों ने राष्ट्रपति की आर्थिक नीतियों की सार्वजनिक आलोचना की जिससे उपजे हालात के बीच अब उन्होंने प्रधानमंत्री मैनिएल वाल्स से नई सरकार गठित करने को कहा है।
रविवार को फ्रांस के आर्थिक मंत्री गियार्नो मॉन्टबूर ने अर्थव्यवस्था की खराब हालत को लेकर ओलांड सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार ने खर्च कम करने के लिए जो कड़े कदम उठाए हैं उनसे आर्थिक विकास पर असर पड़ रहा है।
वाल्स ने इसके बाद मॉन्टबूर पर आरोप लगाया था कि वो 'अपनी हद' पार कर रहे हैं। वाल्स के इस्तीफे के बाद ओलांड ने एक बयान जारी कर कहा कि वो एक नई सरकार बनाएं जो 'देश के लिए (ओलांड के द्वारा) तय की गई दिशा के अनुरूप हो।
अर्थव्यवस्था की नाजुक हालत
माना जा रहा है कि ओलांड ने ये संदेश दिया है कि वो ऐसे समय में विरोध बर्दाश्त नहीं करेंगे जबकि अर्थव्यवस्था नाजुक दौर से गुजर रही है। फ्रांस में अभी बेरोजगारी दर 10 प्रतिशत से ज्यादा है और आर्थिक विकास थमा हुआ है।
सर्वेक्षणों के मुताबिक 20 प्रतिशत से भी कम मतदाता ही ये मानते हैं कि ओलांड अर्थव्यवस्था की हालत सुधार सकते हैं। ओलांड चाहते हैं कि वो खर्चों में कटौती करें ताकि कंपनियों को टैक्स छूट दी जा सके और इससे अर्थव्यवस्था में सुधार आए लेकिन उनकी ही पार्टी में कई लोग हैं जो इससे असहमत हैं।
उनके विरोधी चाहते हैं कि ओलांड कड़े कदम से ध्यान हटा लें और लोगों को सीधे रक़म मुहैया कराएं। मॉन्टबूर का कहना है कि जर्मनी अपनी नीतियां पूरे यूरोप पर थोप रहा है।