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बांग्लादेश: कपड़ा फैक्ट्री में आग, 120 की मौत
Updated Sun, 25 Nov 2012 11:25 AM IST
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बांग्लादेश के एक कपड़ा कारख़ाना में आग लगने से कम से कम 120 लोगों की मौत हो गई है।
अधिकारियों का कहना है कि राजधानी ढाका के बाहर मौजूद तज़रीन फ़ैशन फ़ैक्ट्री के नौ मंज़िला इमारत में शनिवार को आग लग गई थी।
आग से ख़ौफ़ज़दा कुछ कामगारों ने नौ मंज़िला ऊंची इमारत से नीचे छलांग लगाने की कोशिश की जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई।
अभी तक इस बात का पता नहीं चला है कि आग कैसे लगी, हालांकि कुछ लोगों ने कहा है कि वो दूसरी मंज़िल से शुरू हुई थी। समझा जाता है कि इसकी वजह से ऊपर की मंज़िलों के लोग भवन में फंस गए थे।
पहले इस तरह की ख़बरें आ रही थीं कि दुर्घटना में आठ लोगों की मौत हुई है। लेकिन दुर्घटना से हुए जानमाल का अंदाज़ा तब हुआ जब बचाव दल के लोग भवन के भीतर घुस पाए।
तलाशी का काम
समाचार एजेंसी एएफपी ने अग्निशामक दल के मुखिया ब्रिगेडियर जनरल अबु मोहम्मद शहीदुल्लाह के हवाले से कहा है, "हमने तलाश का काम आज सुबह शुरू किया और देखा कि कारख़ाने की अलग-अलग मंजि़लों पर शव पडे़ हुए हैं।"
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अग्निशामक दल को आग पर क़ाबू पाने में तक़रीबन पांच घंटे लगे।
हालांकि अभी फ़ैक्ट्री में आग लगने की सही वजह सामने नहीं आ पाई है लेकिन कहा जा रहा है कि ये शायद शार्ट सर्किट की वजह से हुआ हो।
बांग्लादेश की कपड़ा फ़ैक्ट्रियों में अकसर बड़ी आग लगती रहती हैं।
इसकी वजह सुरक्षा के उपायों की कमी, बिजली की सस्ती वायरिंग और भवनों में क्षमता से अधिक भीड़ बताई जाती है।
दिसंबर 2010 में इसी इलाक़े के एक कपड़ा कारख़ाने में आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। बाद में पता चला कि इसकी वजह शार्ट सर्किट थी।
बांग्लादेश में कपड़े के 4500 कारख़ाने हैं जिसमें 20 लाख लोग काम करते हैं।
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अधिकारियों का कहना है कि राजधानी ढाका के बाहर मौजूद तज़रीन फ़ैशन फ़ैक्ट्री के नौ मंज़िला इमारत में शनिवार को आग लग गई थी।
आग से ख़ौफ़ज़दा कुछ कामगारों ने नौ मंज़िला ऊंची इमारत से नीचे छलांग लगाने की कोशिश की जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई।
अभी तक इस बात का पता नहीं चला है कि आग कैसे लगी, हालांकि कुछ लोगों ने कहा है कि वो दूसरी मंज़िल से शुरू हुई थी। समझा जाता है कि इसकी वजह से ऊपर की मंज़िलों के लोग भवन में फंस गए थे।
पहले इस तरह की ख़बरें आ रही थीं कि दुर्घटना में आठ लोगों की मौत हुई है। लेकिन दुर्घटना से हुए जानमाल का अंदाज़ा तब हुआ जब बचाव दल के लोग भवन के भीतर घुस पाए।
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तलाशी का काम
समाचार एजेंसी एएफपी ने अग्निशामक दल के मुखिया ब्रिगेडियर जनरल अबु मोहम्मद शहीदुल्लाह के हवाले से कहा है, "हमने तलाश का काम आज सुबह शुरू किया और देखा कि कारख़ाने की अलग-अलग मंजि़लों पर शव पडे़ हुए हैं।"
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अग्निशामक दल को आग पर क़ाबू पाने में तक़रीबन पांच घंटे लगे।
हालांकि अभी फ़ैक्ट्री में आग लगने की सही वजह सामने नहीं आ पाई है लेकिन कहा जा रहा है कि ये शायद शार्ट सर्किट की वजह से हुआ हो।
बांग्लादेश की कपड़ा फ़ैक्ट्रियों में अकसर बड़ी आग लगती रहती हैं।
इसकी वजह सुरक्षा के उपायों की कमी, बिजली की सस्ती वायरिंग और भवनों में क्षमता से अधिक भीड़ बताई जाती है।
दिसंबर 2010 में इसी इलाक़े के एक कपड़ा कारख़ाने में आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। बाद में पता चला कि इसकी वजह शार्ट सर्किट थी।
बांग्लादेश में कपड़े के 4500 कारख़ाने हैं जिसमें 20 लाख लोग काम करते हैं।