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आईएस युवती के पिता ने कहा: ब्रिटेन को उसे वापस बुलाना चाहिए
Mon, 25 Feb 2019 10:00 PM IST
तिवारी अभिषेक
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: तिवारी अभिषेक
Updated Mon, 25 Feb 2019 10:00 PM IST
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शमीमा बेगम
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सीरिया में इस्लामिक स्टेट समूह के एक आतंकवादी से शादी करने वाली लंदन की एक युवती शमीमा बेगम के पिता ने सोमवार को एएफपी के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि ब्रिटेन को कोई भी सजा तय करने से पहले उसे देश में वापस बुलाना चाहिए।
इस महीने एक शरणार्थी शिविर में एक बच्चे को जन्म देने वाली 19 वर्षीय बेगम ने कहा है कि वह घर आना चाहती हैं लेकिन ब्रिटिश सरकार ने उसे सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए उसकी नागरिकता रद्द करने का फैसला किया है। युवती के पिता अहमद अली ने कहा, ‘ब्रिटेन सरकार को उसे वापस बुलाना चाहिए क्योंकि वह एक ब्रिटिश नागरिक है।’
बेगम 2015 में स्कूल की अपनी दो सहपाठियों के साथ ब्रिटेन से सीरिया चली गई थी। उस समय वह केवल 15 वर्ष की थी। उसके मामले ने ब्रिटेन में राजनीतिक विभाजन पैदा कर दिया है। उत्तरपूर्वी बांग्लादेश के एक सुदूर गांव में रहने वाले अली ने कहा, ‘यदि उसने (बेगम ने) कोई अपराध किया है तो उन्हें पहले उसे लंदन लाना चाहिए और वहां उसे दंडि़त किया जाना चाहिए।’
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उन्होंने एएफपी ने कहा, ‘गलती करना मनुष्य का स्वभाव है। आप और मैं दोनों गलती कर सकते हैं। गलती करना ठीक है, सभी लोग ऐसा करते हैं। अगर कोई बच्चा गलती करता है तो दुख होता है।’ सुनामगंज जिले के दोरई गांव में अपनी दूसरी पत्नी के साथ रहने वाले अली ने कहा कि उसे अपनी बेटी पर तरस आ रहा है और ऐसा माना जाता है कि आईएस में शामिल होने के लिए उसे मानसिक तौर पर तैयार किया गया होगा।
उन्होंने कहा, ‘आईएस में जाना निश्चित रूप से एक गलती थी। शायद उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह एक बच्ची थी। वह अपनी इच्छा से वहां (सीरिया) नहीं गई होगी। हो सकता है कि अन्य लोगों ने उसे सलाह दी हो।’
अली ने कहा, ‘वह बांग्लादेश नहीं आ सकती है क्योंकि वह इस देश की नागरिक नहीं है।’ इससे पूर्व बेगम परिवार के एक वकील तस्नीम अकुंजी ने कहा था कि युवती का जन्म ब्रिटेन में हुआ था और उसके पास कभी बांग्लादेशी पासपोर्ट नहीं था।
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इस महीने एक शरणार्थी शिविर में एक बच्चे को जन्म देने वाली 19 वर्षीय बेगम ने कहा है कि वह घर आना चाहती हैं लेकिन ब्रिटिश सरकार ने उसे सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए उसकी नागरिकता रद्द करने का फैसला किया है। युवती के पिता अहमद अली ने कहा, ‘ब्रिटेन सरकार को उसे वापस बुलाना चाहिए क्योंकि वह एक ब्रिटिश नागरिक है।’
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बेगम 2015 में स्कूल की अपनी दो सहपाठियों के साथ ब्रिटेन से सीरिया चली गई थी। उस समय वह केवल 15 वर्ष की थी। उसके मामले ने ब्रिटेन में राजनीतिक विभाजन पैदा कर दिया है। उत्तरपूर्वी बांग्लादेश के एक सुदूर गांव में रहने वाले अली ने कहा, ‘यदि उसने (बेगम ने) कोई अपराध किया है तो उन्हें पहले उसे लंदन लाना चाहिए और वहां उसे दंडि़त किया जाना चाहिए।’
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उन्होंने एएफपी ने कहा, ‘गलती करना मनुष्य का स्वभाव है। आप और मैं दोनों गलती कर सकते हैं। गलती करना ठीक है, सभी लोग ऐसा करते हैं। अगर कोई बच्चा गलती करता है तो दुख होता है।’ सुनामगंज जिले के दोरई गांव में अपनी दूसरी पत्नी के साथ रहने वाले अली ने कहा कि उसे अपनी बेटी पर तरस आ रहा है और ऐसा माना जाता है कि आईएस में शामिल होने के लिए उसे मानसिक तौर पर तैयार किया गया होगा।
उन्होंने कहा, ‘आईएस में जाना निश्चित रूप से एक गलती थी। शायद उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह एक बच्ची थी। वह अपनी इच्छा से वहां (सीरिया) नहीं गई होगी। हो सकता है कि अन्य लोगों ने उसे सलाह दी हो।’
अली ने कहा, ‘वह बांग्लादेश नहीं आ सकती है क्योंकि वह इस देश की नागरिक नहीं है।’ इससे पूर्व बेगम परिवार के एक वकील तस्नीम अकुंजी ने कहा था कि युवती का जन्म ब्रिटेन में हुआ था और उसके पास कभी बांग्लादेशी पासपोर्ट नहीं था।