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बाप-भाई ने बहन की जिदंगी को लगाया दांव पर
Updated Mon, 13 Jan 2014 05:01 PM IST
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बाप-भाई ने मिलकर अपनी बेटी-बहन की जिंदगी को दांव पर लगा दिया है।
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हेलमंद प्रांत में एक पुलिस चौकी पर हमला करने के लिए एक अफ़ग़ान लड़की सोज़मई को उसके परिवार ने मजबूर किया।
एक अफ़ग़ान सैनिक ने पिछले सोमवार को आत्मघाती विस्फोटक से लैस बनियान पहने उसे देखा था। उसके बाद उसे प्रांतीय राजधानी लश्कर गाह में सुरक्षात्मक हिरासत में ले लिया गया था।
सोजमई ने बीबीसी को बताया कि उसके भाई और पिता ने आत्मघाती हमले के लिए उसे मजबूर किया और मना करने पर उसकी पिटाई भी की।
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई से लड़की ने नए घर के लिए अपील की है। वह अपने घर नहीं जाना चाहती है।
राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने कहा कि अगर उसके कबीले के लोग उसकी सुरक्षा की गारंटी लेते है तभी उसे उसके रिश्तेदारों को लौटाया जाएगा।
लड़की को एक प्रमुख तालिबान कमांडर की बहन माना जा रहा है। पुलिस के मुताबिक तालिबान कमांडर ने ही लड़की को हमले के लिए प्रोत्साहित किया।
गुलामों जैसा बर्ताव
माना जा रहा कि सोजमई का भाई एक प्रमुख तालिबान कमांडर है।
सोज़मई ने बीबीसी न्यूज डे कार्यक्रम में बताया कि वह हमले की बात से डर गई थी लेकिन उसके भाई ने उससे वादा किया था कि केवल उसका लक्ष्य मारा जाएगा और हमले में वह बच जाएगी।
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उसने कहा कि उसके पिता ने घर लौटने का आदेश उसे दिया है, लेकिन उसने आदेश का पालन करने से मना कर दिया है।
उसने कहा, "नहीं, मैं आप के साथ जाने के बजाए अपने आप को मार लूंगी"।
"वही बात फिर से होगी उन्होंने मुझे पहले ही बता रखा है कि अगर मैं इस बार ऐसा नहीं करती हूं, तो वो मुझ से फिर से ऐसा करवाएंगें"
सोजमई ने बताया कि घर में उसे पढ़ने और लिखने की इजाज़त नहीं थी।
सोजमई ने बताया कि "मैं घर का सारा काम करती थी, मैं खाना पकाया करती थी, मैं पूरे घर की साफ़-सफ़ाई करती थी लेकिन मेरे साथ बहुत बुरा बर्ताव किया जाता था जैसे मैं सिर्फ एक गुलाम हूं। उसने कहा कि "मैं वापस वहाँ नहीं जाऊंगी। खुदा ने मुझे एक आत्मघाती हमलावर बनने के लिए नहीं बनाया है। पिछले सप्ताह की गई अपनी अपील में राष्ट्रपति करज़ई से उस ने अपने लिए एक अच्छी जगह का बंदोबस्त करने को कहा।"
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राष्ट्रपति ने इस घटना पर तालिबान की निंदा की है, लेकिन तालिबान ने कथित साज़िश में शामिल होने से इनकार किया है।