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बलोच नेता बुगती और उनके सहयोगियों को मिल सकती है भारतीय नागरिकता

Fri, 16 Sep 2016 03:25 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 16 Sep 2016 03:25 PM IST
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Exiled Baloch leader Brahumdagh Bugti likely to get Indian citizenship
ब्राहमदाग बुगती - फोटो : twitter

स्विटजरलैंड में रहकर बलूचिस्तान की आजादी की आवाज बुलंद करने वाले निर्वासित नेता ब्राहमदाग बुगती को भारतीय नागिरकता मिल सकती है। हाल ही में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक संभावना जताई जा रही है कि बुगती को भारत में शरण दी जा सकती है। भारतीय अधिकारियों और बलूच नेता के बीच भारतीय पास्पोर्ट के लिए बातचीत जारी है।

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इंडिया टुडे  की खबर के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि बुगती स्विटजरलैंड की राजधानी जिनेवाा में भारतीय दूतावास में शरण लेंगे।  गैरकानूनी घोषित बलोच रिपब्लिकन पार्टी (बीआरपी) से जिनेवा में शरण देने की प्रक्रिया पर बातचीत करने के लिए एक मीटिंग भी रखी गई है। 
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बीआरपी के सूत्रों ने पुष्टि की है कि भारत बुगती और उनके करीबी सहयोगियों को शरण देने के लिए सहमत है। बीआरपी के प्रतिनिधियों ने कहा बिल्कुल वैसे ही जिस तरह भारत ने दलाई लामा की मदद की है जो चीन के खिलाफ अभियान चलाने के लिए पूरी दुनिया में भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं। इसी तरह बलूच नेता भी पूरी दुनिया में आजादी से घूम सकते हैं और बलूचिस्तान में हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं।

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बुगती के दादा अकबर बुगती कद्दावर नेता थे

Exiled Baloch leader Brahumdagh Bugti likely to get Indian citizenship
ब्राहमदाग बुगती - फोटो : twitter

कहा जा रहा है भारत ब्राहमदाग बुगती और उनके प्रमुख सहयोगियों सहित विशवस्त सहयोगी शेर मोहम्मद बुगती और अजीजुल्लाह बुगती को भी नागरिकता देगा। लगभग 15 हजार से ज्यादा बलूचियों ने अफगानिस्तान में शरण की मांग की है, जबकि 2 हजार से अधिक यूरोपीय देशों में रहते हैं। बीपीआर के 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को जिनेवा में 18 और 19 सितंबर को भारत में ब्राहमदाग बुगती को शरण देने के विषय पर बातचीत के लिए बुलाया गया है।


ब्राहमदाग बुगती का जन्मस्थान डेरा बुगतिन बलूचिस्तान है। बुगती के दादा अकबर अहमद बुगती बलूचियों के कद्दावर नेता थे। 2006 में अकबर बुगती की हत्या के बाद ब्राहमदाग बलूचिस्तान से भाग निकले और तब से ही वह अफगानिस्तान और स्विटजरलैंड में रह रहे हैं।

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