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एमर्सन नांगाग्वा ने ली जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति की शपथ

Sat, 25 Nov 2017 05:26 AM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ हरारे
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ हरारे Updated Sat, 25 Nov 2017 05:26 AM IST
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Emmerson Mnangagwa to Take Oath as Zimbabwe's President

जिम्बाब्वे में एक राजनीतिक नाटक के अंतिम अध्याय का मंचन आज नये राष्ट्रपति एमर्सन नांगाग्वा के शपथ के साथ पूरा हुआ। इसकी शुरूआत सेना ने तत्कालीन राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे का तख्तापलट करने के साथ की। शपथ समारोह में मुगाबे के मौजूद रहने की संभावना जताई गई, लेकिन वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।

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अब तक रॉबर्ट मुगाबे के करीबी सहयोगी रहे नये राष्ट्रपति नांगाग्वा ने हरारे से बाहरी क्षेत्र में राष्ट्रीय खेल स्टेडियम स्थित कार्यालय में हजारों समर्थकों, गणमान्य लोगों और विदेशी राजनयिकों की मौजूदगी में शपथ ग्रहण की।
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इस दौरान समर्थकों की मौजूदगी और उत्साह के चलते कड़ी सुरक्षा के तहत पूरे स्टेडियम को बंदूकधारियों ने घेर रखा। इस दौरान 23 साल के शेरोन मोउकुफ ने मुगाबे का जिक्र करते हुए कहा कि हम बेहद लंबे समय से एक तानाशाही के अधीन रहे हैं और नांगाग्वा से बहुत कुछ आशा कर रहे हैं।
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उल्लेखनीय है कि पूर्व राष्ट्रपति मुगाबे ने दक्षिण अफ्रीका के इस देश पर करीब 37 साल तक शासन किया था और उन्होंने जब उपाध्यक्ष नांगाग्वा को बर्खास्त किया तब सेना ने हस्तक्षेप करते हुए उन्हें पद से हटा दिया था।

इस बीच हाथों में बैनर लिए कुछ लोग कह रहे थे कि हम सेना का शुक्रगुजार हैं। दरअसल, जिम्बाब्वे में पूर्व राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे की तबीयत दिनोंदिन खराब हो रही थी और वे अपने उत्तराधिकारी के रूप में पत्नी ग्रेस को आगे बढ़ा रहे थे। लेकिन सेना प्रमुख ने कार्रवाई की और नांगाग्वा को राष्ट्रपति बनाया। 

नांगाग्वा के दामन पर भी दाग

Emmerson Mnangagwa to Take Oath as Zimbabwe's President

जिम्बाब्वे के विपक्ष में नये राष्ट्रपति से देश में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने की मांग की है लेकिन नांगाग्वा का दामन भी दागदार रहा है। उन्हें शासन के गलियारों में पैठ रखने वाले कुलीन वर्ग का सदस्य माना जाता है।

1980 में दशक में गृह युद्ध के दौरान उनकी एक जासूस की भूमिका थी। इस दौरान हजारों लोगों की मौत हुई। हालांकि नांगाग्वा इसके लिए स्वयं को दोषी ठहराने  की जगह सेना पर आरोप लगाते रहे हैं।

अपराधियों को सजा अवश्य मिले

सैन्य अधिकारी शेरोन मोउकुफ ने कहा कि मुगाबे काफी उम्रदराज हैं और हमें उम्मीदन नहीं है कि उन्हें उनके अपराध की सजा मिलेगी। आखिर आप 93 साल के किसी व्यक्ति को कैसे सजा दे सकते हैं। लेकिन उनकी पत्नी ग्रेस और अन्य लोग यदि अपराध में लिप्त रहे हैं तो उन्हें सजा अवश्य मिलना चाहिए। 

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