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'पैगंबर को जेल' की टिप्पणी पर मंत्री बर्खास्त
बीबीसी/दिल्ली
Updated Mon, 14 Mar 2016 01:29 PM IST
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मिस्र के कानून मंत्री अहमद अल-जिंद को पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी करने के लिए बर्खास्त कर दिया गया है।
सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि अहमद अल-जिंद को प्रधानमंत्री शेरिफ इस्माइल ने बर्खास्त किया है।
शुक्रवार को एक साक्षात्कार में जिंद ने कहा था कि खुद पैगंबर मोहम्मद भी अगर कानून तोड़ें तो वो उन्हें जेल भेज देंगे।
हालांकि अगले दिन उन्होंने अपने बयान पर माफी मांगते हुए कहा था, "ऊपर वाला मुझे माफ करे।"
मुस्लिम ब्रदरहुड के आलोचक माने वाले जिंद की जगह कौन लेगा ये अब तक साफ नहीं हो पाया है।
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सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि अहमद अल-जिंद को प्रधानमंत्री शेरिफ इस्माइल ने बर्खास्त किया है।
शुक्रवार को एक साक्षात्कार में जिंद ने कहा था कि खुद पैगंबर मोहम्मद भी अगर कानून तोड़ें तो वो उन्हें जेल भेज देंगे।
हालांकि अगले दिन उन्होंने अपने बयान पर माफी मांगते हुए कहा था, "ऊपर वाला मुझे माफ करे।"
मुस्लिम ब्रदरहुड के आलोचक माने वाले जिंद की जगह कौन लेगा ये अब तक साफ नहीं हो पाया है।
2011 में होस्नी मुबारक को सत्ता से किया गया था बेदखल
इस बीच, जिंद के समर्थन में मिस्र के न्यायाधीश भी आगे आए हैं। उनका कहना है कि जिंद की जुबान फिसल गई थी और ये किसी के साथ भी हो सकता है।
अब्दुल्ला फात ने कहा, "न्यायाधीशों को इस बात का दुख है कि जिस शख्स ने देश, देशवासियों और कानून की हिफाजत की उसे इस तरह से दंड दिया गया।"
खुद एक न्यायाधीश रहे जिंद सार्वजनिक तौर पर इस्लामिक विद्रोह की आलोचना करते रहे हैं, जिसने 2011 में होस्नी मुबारक को सत्ता से बेदखल कर दिया गया था। इसी विद्रोह के बाद मुबारक के 30 साल के शासन का अंत हुआ और मुस्लिम ब्रदरहुड सत्ता में आई।
अब्दुल्ला फात ने कहा, "न्यायाधीशों को इस बात का दुख है कि जिस शख्स ने देश, देशवासियों और कानून की हिफाजत की उसे इस तरह से दंड दिया गया।"
खुद एक न्यायाधीश रहे जिंद सार्वजनिक तौर पर इस्लामिक विद्रोह की आलोचना करते रहे हैं, जिसने 2011 में होस्नी मुबारक को सत्ता से बेदखल कर दिया गया था। इसी विद्रोह के बाद मुबारक के 30 साल के शासन का अंत हुआ और मुस्लिम ब्रदरहुड सत्ता में आई।