{"_id":"6bc85bc4c95953cff7146659b113f505","slug":"ebola-crisis-liberia-orders-curfew-and-quarantine-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इबोला से जंग में उम्मीद की किरण","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"बाकी दुनिया","slug":"rest-of-world"}}
इबोला से जंग में उम्मीद की किरण
Updated Mon, 08 Sep 2014 11:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरीका में टीके लगाए जाने के बाद बंदरों की लंबे समय
विज्ञापन
तक इबोला वायरस से लड़ने की क्षमता देखी गई है। इस हफ्ते इन टीकों का
मनुष्यों पर भी परीक्षण शुरु हो जाएगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे आने
वाले समय में मनुष्यों पर इन टीकों के परीक्षण के सफल होने की संभावना बढ़
गई है।
अमरीका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में किए गए परीक्षणों में पाया गया कि टीका लगाए जाने से पांच हफ्तों तक बंदर इबोला से सुरक्षित रहते हैं। इस टीके में इबोला डीएनए और एक वायरस का मिश्रण किया गया है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर टीके की अधिक डोज दी जाए तो ये इबोला से 10 महीने तक की सुरक्षा दे सकता है।
शोध के परिणाम नेचर मेडिसिन पत्रिका में छपे हैं। इस टीके के मनुष्यों पर परीक्षण इस हफ्ते अमरीका में शुरु हो जाएंगे जो बाद में ब्रिटेन और अफ्रीका में भी होंगे। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि अब तक पश्चिमी अफ्रीका में इबोला वायरस के कारण कम से सम 21 हजार लोग मारे जा चुके हैं।
अमरीका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में किए गए परीक्षणों में पाया गया कि टीका लगाए जाने से पांच हफ्तों तक बंदर इबोला से सुरक्षित रहते हैं। इस टीके में इबोला डीएनए और एक वायरस का मिश्रण किया गया है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर टीके की अधिक डोज दी जाए तो ये इबोला से 10 महीने तक की सुरक्षा दे सकता है।
शोध के परिणाम नेचर मेडिसिन पत्रिका में छपे हैं। इस टीके के मनुष्यों पर परीक्षण इस हफ्ते अमरीका में शुरु हो जाएंगे जो बाद में ब्रिटेन और अफ्रीका में भी होंगे। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि अब तक पश्चिमी अफ्रीका में इबोला वायरस के कारण कम से सम 21 हजार लोग मारे जा चुके हैं।